खलारी. खलारी बाजारटांड़ स्थित पीएमश्री जीएमएस खलारी विद्यालय इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और सुरक्षा संकट से जूझ रहा है. प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएमश्री) योजना के तहत मॉडल स्कूल के रूप में चयनित होने के बावजूद विद्यालय में अब तक सुरक्षित चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है. इसके कारण विद्यालय का परिसर पूरी तरह असुरक्षित बना हुआ है. इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1949 में आदिम जाति सेवा मंडल स्कूल के रूप में की गयी थी. वर्ष 1961-62 में सरकार द्वारा अधिग्रहण के बाद इसे मध्य विद्यालय का दर्जा मिला. दशकों से क्षेत्र में शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा यह विद्यालय आज बुनियादी सुविधाओं के अभाव में अपनी पहचान खोता जा रहा है. वर्तमान में यह स्कूल पीएम श्री योजना के अंतर्गत विकसित किया जाना है, जिसके तहत इसे आधुनिक और मॉडल विद्यालय के रूप में तैयार किया जाना प्रस्तावित है. लेकिन आधारभूत संरचना की कमी इस लक्ष्य में बड़ी बाधा बन रही है.
चहारदीवारी नहीं होने से बढ़ी असुरक्षा
विद्यालय परिसर के चारों ओर आज तक सुरक्षित चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो पाया है. इसके कारण स्कूल का मुख्य गेट और परिसर आम लोगों के लिए खुला रहता है. स्कूल प्रबंधन के अनुसार, परिसर के भीतर से कई निजी घरों तक जाने का रास्ता बना हुआ है, जिससे लोगों का दिन-रात आवागमन होता रहता है. इस स्थिति में विद्यालय को कभी भी पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता और परिसर 24 घंटे खुला रहता है. खुला परिसर होने के कारण मवेशी, कुत्ते और अन्य जानवर स्कूल में घूमते रहते हैं. इससे बच्चों को आये दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार कक्षा के दौरान भी जानवर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे पढ़ाई बाधित होती है. इसके अलावा, बाहरी और अनजान लोगों का बेरोकटोक आना-जाना बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है. खास कर छात्राएं स्वयं को असुरक्षित महसूस करती हैं. विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि खुला परिसर होने के कारण बच्चों की निगरानी करना कठिन हो गया है. यदि कोई बच्चा स्कूल समय में परिसर से बाहर चला जाये, तो इसकी जानकारी समय पर नहीं मिल पाती. इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है.
भूमि अतिक्रमण का आरोप
विद्यालय प्रबंधन ने स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण होने का आरोप लगाया है. बताया जाता है कि कुछ लोगों ने विद्यालय की भूमि पर कब्जा कर लिया है, जिसके कारण चहारदीवारी निर्माण में भी बाधा उत्पन्न हो रही है. स्कूल प्रबंधन द्वारा कई बार खलारी अंचल कार्यालय को लिखित आवेदन देकर भूमि की नापी कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की गयी है, लेकिन पिछले दस वर्षों में इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है.
निर्माण कार्य और योजनाओं में बाधा
वर्तमान में जिला परिषद, रांची द्वारा डीएमएफटी मद से विद्यालय में चार नये कक्ष, शौचालय और चहारदीवारी के निर्माण की योजना पर कार्य प्रारंभ किया गया है. इससे विद्यालय में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जगी है. हालांकि, अतिक्रमण और खुले रास्ते की समस्या के कारण निर्माण कार्य में भी कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं. यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो निर्माण कार्य अधूरा रह सकता है.
पीएमश्री योजना के तहत विकास में रुकावट
पीएमश्री योजना के अंतर्गत विद्यालय के लिए आधुनिक शिक्षण सामग्री और संसाधन भेजे जा रहे हैं. लेकिन असुरक्षित परिसर के कारण इन संसाधनों को स्थापित करने और सुरक्षित रखना संभव नहीं हो पा रहा है. परिणामस्वरूप, माडल स्कूल बनाने की योजना कागजों तक सीमित होती जा रही है.
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