आदिवासी को जमीन से बेदखल कर उनका अस्तित्व मिटा देना चाहती है सरकार : सरना समिति
रांची: आदिवासियों की सामाजिक व धार्मिक व्यवस्था की जमीन और उनके हित के कानूनों में छेड़छाड़ को लेकर हेसल व समसिंग टोला में बैठक हुई. इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति के वरीय उपाध्यक्ष नरायण उरांव ने कहा कि रघुवर सरकार आदिवासियों को जमीन से बेदखल कर उन्हें मिटा देना चाहती है़. सुरक्षा कवच सीएनटी […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
रांची: आदिवासियों की सामाजिक व धार्मिक व्यवस्था की जमीन और उनके हित के कानूनों में छेड़छाड़ को लेकर हेसल व समसिंग टोला में बैठक हुई. इस मौके पर केंद्रीय सरना समिति के वरीय उपाध्यक्ष नरायण उरांव ने कहा कि रघुवर सरकार आदिवासियों को जमीन से बेदखल कर उन्हें मिटा देना चाहती है़.
सुरक्षा कवच सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन करना चाहती है़ राज्य के आदिवासी शुरू से ही विस्थापन और पलायान के शिकार रहे है़ं एचइसी, बोकारो स्टील प्लांट, हाउसिंग बोर्ड आदि के नाम पर कई एकड़ जमीन ली गयी़ अब एचइसी की अतिरिक्त जमीन भी बेची जा रही है़ .
रातू रोड स्थित सरना बिड़ला मैदान का सार्वजिनक उपयोग विगत 45-50 वर्षों से हो रहा है़ इस अहस्तांतरणीय प्रकृति की जमीन के फर्जी कागजात बना कर माहौल को हमेशा अशांत किया जा रहा है़ बैठक में समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की , नारायण उरांव, संतोष तिर्की , रेणु लकड़ा, जौवरी लिंडा, राजेश तिर्की ज्योतिरानी लिंडा, राजेश तिर्की, फातु उरांव, ऊषा तिग्गा, कोमलीना तिर्की, मीना तिग्गा, उर्मिला तिर्की , कैलाश तिर्की,सन्नी उरांव आदि थे़
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