रांची की थालियों में परोसा जा रहा सफेद जहर, 1000 किलो नकली पनीर और मावा जब्त

रांची में मिलावटी डेयरी उत्पादों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई की है. गुप्त सूचना के आधार पर प्रतिष्ठान पर छापेमारी कर करीब 1000 किलो नकली डेयरी उत्पाद जब्त किए गए. इस कार्रवाई में पनीर, मावा, घी, खोया, पेड़ा जैसे उत्पाद शामिल थे, जिन्हें संदिग्ध पाया गया.

रांची में मिलावटी डेयरी उत्पादों के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1000 किलो नकली डेयरी उत्पाद जब्त किये. गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार की सुबह रातू रोड स्थित एक प्रतिष्ठान (न्यू मां डेयरी शॉप) में छापेमारी की गयी. मौके पर पनीर, मावा, घी, खोया, पेड़ा और अन्य डेयरी उत्पादों के नमूने लेकर उनकी प्रारंभिक वैज्ञानिक एवं रासायनिक जांच की गयी, जिसमें उत्पाद संदिग्ध पाये गये. इसके बाद सभी उत्पादों को जब्त कर प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत झिरी डंपिंग यार्ड में नष्ट कर दिया गया.

डीप फ्रीजर से मिले बड़ी मात्रा में डेयरी उत्पाद 

खाद्य सुरक्षा विभाग को बुधवार की देर रात सूचना मिली थी कि रातू रोड स्थित रतन लाल कॉम्प्लेक्स में बंगाल से डेयरी उत्पादों की बड़ी खेप पहुंचने वाली है. सूचना मिलते ही विभाग ने गुरुवार की सुबह छापेमारी की योजना बनायी. सुबह करीब आठ बजे टीम मौके पर पहुंची और न्यू मां डेयरी दुकान की निगरानी शुरू कर दी. सुबह 8:37 बजे एक रेफ्रिजरेटेड वैन वहां पहुंची, जिसमें पनीर और प्लास्टिक की थैलियों में भरा मावा लाया गया था. छापेमारी के दौरान दुकान के डीप फ्रीजर में बड़ी मात्रा में दूध, पनीर, घी, खोया, पेड़ा और मिल्क केक रखे मिले. रांची-1 के खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में टीम ने सभी उत्पादों के नमूने लिये और उसकी जांच की. नमूनों को जब्त कर आगे की जांच के लिए सुरक्षित रखा गया. वहीं, दुकानदार विजय कुमार और कर्मचारियों से पछताछ की गयी.

यहां से आते हैं मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट

  • बंगाल, खासकर पुरुलिया
  • यूपी, खासकर वाराणसी

यहां होती है सप्लाई 

  • राजमार्गों पर खोले गये ढाबे और होटल
  • बी और सी कैटेगरी के ठेले से कारोबार करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स, कैफे
  • बी और सी श्रेणी के कैटरर, भोज व पार्टी ऑर्गनाइज करने वाले ठेकेदार

ऐसे पहचानें नकली पनीर 

  • अगर बाजार भाव से आधा रेट पर खुला पनीर मिल रहा है, तो 90% आशंका है कि वह एनालॉग (कृत्रिम) पनीर है.
  • बहुत ज्यादा सफेद व रबड़ जैसा खींचने वाला पनीर (स्वाद में भले ठीक लगे)
  • बिना एफएसएसएआइ रजिस्ट्रेशन वाली दुकानों से खुला पनीर खरीदने से बचें 

इन खाद्य पदार्थों के नमूने जब्त

दूध, पनीर, खोया, लड्डू, पेड़ा, मिल्क केक, किचन और खाने में प्रयुक्त होने वाले मसाले, पान मसाला, पानी, सॉस, तेल आदि.

लंबे समय से मिलावट का कारोबार

राज्य में फूड सैंपल जांचने की कोई उपयुक्त व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में (कृत्रिम पनीर) का उत्पादन व भंडारण के साथ ही धड़ल्ले से इसकी बिक्री की जा रही है. हाइवे किनारे के होटल और ढाबे अपने मेनू में शामिल कर रहे हैं. राजधानी में भी लंबे समय से मिलावट का संगठित कारोबार बेखौफ चल रहा है.

रांची में 16 नमूनों की क्वालिटी खराब, 1.52 लाख जुर्माना

रांची में इस साल अब तक कुल 13 दुकान व रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री की जांच की जा चुकी है. इनमें 16 नमूनों की क्वालिटी खराब पायी गयी है, जिसके ऊपर 1.52 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

दिल, लिवर, लंग्स पर पड़ता है असर

डॉ अमरेंद्र कुमार, सिविल सर्जन सह खाद्य संरक्षा पदाधिकारी, रांची ने बताया कि नकली पनीर में प्रोटीन नहीं होता. यह पाम ऑयल, स्टार्च और यूरिया या डिटर्जेंट जैसे केमिकल्स से बनता है. इसके लगातार सेवन से पेट में इन्फेक्शन, एसिडिटी, लिवर पर असर और बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ सकता है. इसके सेवन से पाचन तंत्र खराब होता है. लिवर-किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचता है. खतरनाक केमिकल युक्त मेटालिक कलर से कैंसर तक हो सकता है.

शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की बढ़ जाती है मात्रा

रिम्स में मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ विद्यापति ने बताया पाम ऑयल से बने नकली पनीर और मावा में बहुत अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है. इनके सेवन से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे पाचन तंत्र खराब हो जाता है और लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है. हृदय रोग की संभावना भी बढ़ जाती है.

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By श्वेता वैद्य

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में श्वेता झारखंड बीट को कवर कर रही हैं, जहां वह राज्य की ताजा खबरें, लोगों की भलाई से जुड़े मुद्दे, सरकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विषयों पर आधारित स्टोरीज तैयार करती हैं. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

झारखंड बीट से पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर आर्टिकल लिखे.

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