रांची. राज्य में गलत तरीके से सरकारी योजना का लाभ उठा रहे 6.29 लाख से अधिक अपात्र कार्डधारकों के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से कार्रवाई की जा रही है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएस) के तहत चलाये जा रहे जांच अभियान में अब तक लगभग 1.63 लाख (26 प्रतिशत) अपात्रों के कार्ड रद्द किये जा चुके हैं. 25 अगस्त की समय-सीमा में केवल तीन दिन बचे हैं और 4.66 लाख अपात्रों पर कार्रवाई लंबित है.
इधर, केंद्र सरकार द्वारा लागू एनएफएसए -2 व्यवस्था के तहत डिजिटल सत्यापन और सरकारी डाटाबेस मिलान के जरिए अपात्र लाभुकों के नाम स्वतः हटाये जा रहे हैं. भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने राइटफुट टारगेटिंग योजना के तहत झारखंड के 6,29,973 अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड निरस्त करने के निर्देश दिये हैं. केंद्र सरकार ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि 31 अगस्त तक इन अपात्रों के नाम सूची से नहीं हटाये गये, तो इस संख्या के अनुपात में राज्य का अनाज कोटा रोक दिया जायेगा. इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव ने सभी जिला उपायुक्तों को 25 अगस्त तक हर हाल में कार्रवाई पूरी करने का पत्र जारी किया है.
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
केंद्र सरकार द्वारा भेजी गयी रिपोर्ट में पाया गया है कि गरीब कल्याण योजना के तहत 1,272 सरकारी कर्मचारी, 1,84,810 आयकरदाता और 15,493 बड़े कारोबारी मुफ्त राशन उठा रहे थे. इसके अलावा 13,087 कंपनियों के मालिक, 21,442 चारपहिया वाहन स्वामी, 1,10,142 डुप्लीकेट कार्डधारक और छह महीने से अधिक समय से राशन नहीं उठाने वाले 1,77,751 लोग भी अपात्र पाये गये हैं.
जिलावार अपात्र लाभुकों की सूची
बोकारो-32,577चतरा-14,540देवघर-8,117
धनबाद-67,288दुमका-10,676पूर्वी सिंहभूम-58,492गढ़वा-24,757
गिरिडीह-53,996गोड्डा-45,605गुमला-7,496
हजारीबाग-23,884
जामताड़ा-24,119
खूंटी-5,840कोडरमा-8334लातेहार-2,882
लोहरदगा-8,798
पाकुड़-6,309पलामू-29745रामगढ़-5,572
रांची-93,198
साहिबगंज-7,580सरायकेला-खरसावां-11,235सिमडेगा-5,366
पश्चिमी सिंहभूम-73,567
