रांची शहर के 10 वार्डों में 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बिछायी गयी सीवरेज पाइपलाइन अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गयी है. पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की ठीक से मरम्मत नहीं होने से कई सड़कें उबड़-खाबड़ हो गयीं या जगह-जगह धंस गयीं हैं. पाइपलाइन का चेंबर भी कहीं ऊंचा तो कहीं नीचा हो गया है. इससे वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कत हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है.
उबड़-खाबड़ सड़क से बढ़ा हादसों का खतरा
बरियातू थाना के बगल से कुसुम विहार जानेवाली सड़क, बड़गाईं रोड, बूटी मोड़ से बूटी बस्ती जानेवाली सड़क, रातू रोड, इंद्रपुरी, हरिहर सिंह रोड, टैगोर हिल रोड, एदलहातू सहित कई स्थानों पर सड़क का यही हाल है. असमान सतह के कारण दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय स्ट्रीट लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सड़क की खराब स्थिति दिखाई नहीं देती. इससे बाइक सवार अक्सर गिरकर घायल हो रहे हैं. लोगों का आरोप है कि सीवरेज कार्य पूरा होने के बाद भी संबंधित एजेंसी ने सड़क का सही तरीके से रिस्टोरेशन नहीं किया, जबकि नगर निगम ने भी अब तक ध्यान नहीं दिया है. नागरिकों ने जल्द सड़क की मरम्मत और चेंबरों को समतल करने की मांग की है.
साल 2015 में शुरू हुआ था सीवरेज का काम
साल 2015 में राजधानी में सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया गया था. 359 करोड़ के इस कार्य को ज्योति बिल्डटेक को सौंपा गया था. लेकिन कंपनी की लेटलतीफी को देखते हुए वर्ष 2018 में इसे टर्मिनेट कर दिया गया. इसके बाद बचे हुए काम के लिए निगम ने दोबारा टेंडर निकाल कर दूसरी कंपनी एलसी इंफ्रा को सौंपा. अब फंड की कमी से इस एजेंसी का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है.
मेयर ने कहा
रांची नगर निगम की मेयर रोशनी खलखो ने कहा रांची नगर निगम द्वारा पूरे शहर में सीवरेज पाइपलाइन बिछाई गयी है. कई इलाकों से शिकायत मिली है कि चेंबर बनने के बाद सड़कें ऊबड़-खाबड़ हो गयी हैं. कई जगह गड्ढे भी बन गये हैं. यह गंभीर मामला है. जल्द ही पूरे शहर के सीवरेज कार्य की समीक्षा की जायेगी. जहां भी सड़कें क्षतिग्रस्त होंगी, उन्हें दुरुस्त कराया जायेगा.
