गोला प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. बुधवार रात दो अलग-अलग झुंडों में बंटे 35 हाथियों ने गांवों में जमकर उत्पात मचाया. एक ओर हाथियों ने ग्रामीण का मकान क्षतिग्रस्त कर उसमें रखा अनाज खा गया, तो दूसरी ओर दर्जनों किसानों की मकई सहित अन्य फसलों को रौंदकर नुकसान पहुंचाया. घटना के बाद प्रभावित गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है. जानकारी के अनुसार 22 हाथियों का झुंड सुतरी पंचायत के चक्रवाली गांव पहुंचा. यहां धनेश्वर साव के एस्बेस्टस शीट वाले घर की दीवार तोड़कर हाथी अंदर घुस गये और घर में रखा अनाज खा गये. मकान क्षतिग्रस्त होने से परिवार के समक्ष परेशानी खड़ी हो गयी है. ग्रामीणों ने रातभर किसी तरह सुरक्षित स्थान पर रहकर समय बिताया. वहीं 13 हाथियों का दूसरा झुंड हेंसापोड़ा पंचायत के गोडराडीह गांव पहुंचा. हाथियों ने हरिपद मांझी, देवीलाल मांझी, मनसु मुर्मू, रामप्रसाद मांझी सहित अन्य किसानों के खेतों में लगी तैयार मकई एवं अन्य फसलों को खाते हुए रौंद डाला. इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. हालांकि हाथियों की मौजूदगी के कारण आसपास के गांवों के लोग पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने वन विभाग से फसल एवं मकान क्षति का शीघ्र आकलन कर उचित मुआवजा देने तथा हाथियों के झुंड को आबादी क्षेत्र से बाहर खदेड़ने की मांग की है. वनरक्षी मनीष शर्मा ने बताया कि वन विभाग के द्वारा लगातार क्षेत्र में गश्ती कर ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने ग्रामीणों को हाथियों के समीप नहीं जाने के अपील की है. साथ ही गांव में हाथी पहुंचने पर इसकी सूचना तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को देने का अपील की है, ताकि हाथियों को गांव से भगाया जा सके और ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान किया जा सके.
हाथियों ने तोड़ा घर तोड़ा, दर्जनों किसानों की मकई फसल रौंदी
झारखंड के गोला में 35 जंगली हाथियों ने मचाया उत्पात। ग्रामीणों के घर तोड़े और किसानों की मकई की फसल रौंदी। इलाके में दहशत का माहौल, मुआवजे की मांग।

फोटो फाइल : 09गोला,02- हाथी द्वारा क्षतिग्रस्त फसल | Prabhat Khabar Network