उरीमारी: उरीमारी के पोटंगा कोल डिपो में विगत करीब एक माह से आग लगी है. आग के कारण अब तक लाखों रुपये का कोयला जलकर राख हो चुका है. स्टॉक में हजारों टन कोयला है. प्रबंधन आग बुझाने के लिए लगातार पानी डाल रहा है, लेकिन आग नहीं बुझ पा रहा है. जिसके बाद तेजी से प्रबंधन डिपो के स्टॉक को खाली करने में जुट गया है.
हालांकि प्रतिदिन केवल चार-पांच हजार टन कोयले का ही उठाव हो पा रहा है. जबकि यहां हजारों टन कोयला रखा है. प्रबंधन द्वारा कोलियरी से उत्पादित नये कोयले को भी इसी अगलगी वाले स्टॉक के आसपास रखा जा रहा है, जिसके कारण नये स्टॉक में भी आग लगने की संभावना बनी हुई है.
कुल मिलाकर स्टॉक में लगी आग को बुझाने को लेकर प्रबंधकीय योजना कारगर साबित नहीं हो रही है. प्रबंधन का फोकस आग को बुझाने से ज्यादा नये कोयले का उत्पादन करने पर केंद्रित है. कोल डिपो में लगी आग के कारण आसपास के कई गांव-टोलों के ग्रामीण भी परेशान हैं.
उन्हें गैस व धुएं का दंश झेलना पड़ रहा है. स्टॉक के नजदीक बसे ग्रामीणों का कहना है कि गैस व धुएं के कारण उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही है. कुल मिलाकर यदि जल्द आग पर काबू नहीं पाया गया, तो सीसीएल का नुकसान करोड़ों में जा सकता है.
आग बुझाने की हो रही कोशिश : पीओ
मामले पर पीओ अनिल सिंह ने कहा कि स्टॉक में लगी आग को बुझाने का हर मुमकिन प्रयास हो रहा है. लगातार पानी डालने व डोजर से आग वाले हिस्से को काटने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन आग की पैठ गहरी है. इसलिए काबू पाने में थोड़ा समय लगेगा. हमारी कोशिश है कि आग को जल्द बुझा दी जाये.
