रामगढ़. महर्षि परमहंस कॉलेज में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी तथा बीएड एवं डीएलएड सत्र 2025-27 और 2026-28 के प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम की शुरुआत डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गयी.
मुख्य अतिथि महाविद्यालय सचिव मनोज अग्रवाल ने शिक्षकों और प्रशिक्षुओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण के प्रमुख स्तंभ हैं. उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी सफलता हासिल करने के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं.
शिक्षा का उद्देश्य संस्कार और नैतिक मूल्यों का विकास
प्राचार्य डॉ जीआर चौरिया ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विषयगत ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करना भी है. उन्होंने प्रशिक्षुओं को गुरुजनों के मार्गदर्शन में निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया.
वक्ताओं ने डॉ राधाकृष्णन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षक की भूमिका और महत्ता पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
इस अवसर पर बीएड और डीएलएड प्रशिक्षुओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, कविता समेत विभिन्न प्रस्तुतियां दीं. मंच संचालन खुशबू कुमारी और किरन कुमारी ने किया. मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ नील कमल सिन्हा समेत शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और प्रशिक्षु उपस्थित थे. समारोह का समापन आभार व्यक्त कर किया गया.
