अजय तिवारी
पतरातू. कभी पीटीपीएस क्षेत्र में मनोरंजन समेत खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा श्रम कल्याण केंद्र आज बदहाली व उपेक्षा का शिकार है. देखरेख के अभाव में जर्जर होते भवन और परिसर में अब असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने लगा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र का उपयोग नशापान के लिए किया जा रहा है, जिससे ऐतिहासिक स्थल की पहचान लगातार धूमिल हो रही है. बताया जाता है कि 1970 के दशक में श्रम कल्याण केंद्र में पीटीपीएस के कर्मीयो के अलावा क्षेत्र के स्थानीय लोगों के लिए मनोरंजन का प्रमुख साधन हुआ करता था. उस दौर में प्रत्येक शनिवार को फिल्में दिखायी जाती थीं. फिल्म देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे. फिल्मों के अलावा केंद्र में कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन सहित विभिन्न इंडोर खेलों की भी व्यवस्था थी. समय-समय पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता था, जिसमें स्थानीय युवा और अन्य लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते थे.
53 वर्षों से हो रही दुर्गा पूजाश्रम कल्याण केंद्र की एक महत्वपूर्ण पहचान दुर्गा पूजा भी है. परिसर में पिछले 53 वर्षों से लगातार दुर्गा पूजा का आयोजन होता आ रहा है. पूजा के दौरान आसपास के श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है और पूरे परिसर में उत्सवी माहौल रहता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहे इस परिसर को उपेक्षित छोड़ना उचित नहीं है.
चुनाव के दौरान बनता है आदर्श मतदान केंद्रश्रम कल्याण केंद्र का उपयोग चुनाव के दौरान आदर्श मतदान केंद्र के रूप में भी किया जाता है. लोकसभा, विधानसभा समेत पंचायत चुनाव में यहां मतदान केंद्र बनाया जाता है. चुनाव के समय प्रशासन की ओर से साफ-सफाई और आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस भवन का उपयोग महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्य के लिए किया जाता है, उसका नियमित रखरखाव भी होना चाहिए.
ताला तोड़कर अंदर घुस जाते हैं असामाजिक तत्वस्थानीय लोगों के अनुसार विशेष परिसंपत्ति के कर्मियों द्वारा सूचना मिलने पर कई बार केंद्र में ताला लगाया जाता है, लेकिन शरारती तत्व दरवाजे की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश कर जाते हैं और वहां नशापान करते हैं. इससे भवन की सुरक्षा के साथ-साथ आसपास के वातावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. लोगों ने नियमित निगरानी और स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है.
पीवीयूएनएल प्रबंधन या पूजा समिति को सौंपने की मांगस्थानीय लोगों ने सुझाव दिया है कि यदि श्रम कल्याण केंद्र को पीबीयूएनएल प्रबंधन या दुर्गा पूजा समिति के हवाले कर दिया जाये तो इसका बेहतर रखरखाव संभव है. समिति की देखरेख में परिसर को व्यवस्थित कर शादी-विवाह सहित सामाजिक एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकता है. लोगों का कहना है कि इससे एक ओर ऐतिहासिक केंद्र की पहचान वापस लौटेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए एक बेहतर स्थान उपलब्ध होगा.
जीर्णोद्धार से लौट सकती है पुरानी रौनकश्रम कल्याण केंद्र पीटीपीएस की शेष परिसंपत्तियों के अधीन रहा है.नियमित देखरेख और रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति लगातार खराब होती गयी. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से केंद्र का जीर्णोद्धार कराने, परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा इसे पुनः खेल, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि उचित पहल होने पर यह ऐतिहासिक स्थल फिर से अपनी पुरानी रौनक हासिल कर सकता है.
