रजरप्पा : संत निरंकारी मिशन रजरप्पा शाखा की ओर से शनिवार को सत्संग भवन में मुक्ति पर्व दिवस श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में आस पास क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. सत्संग, भजन और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञान प्रचारक सह सहसंयोजक अशोक कुमार वर्मा ने की. उन्होंने कहा कि मानव जीवन की वास्तविक सार्थकता प्रेम, दया और इंसानियत में है.
नफरत और आपसी द्वेष जैसी भावनाएं मनुष्य को भीतर से अशांत करती है
मनुष्य को सदैव दूसरों के प्रति सद्भाव और सहयोग की भावना रखनी चाहिए. गुरु की शरण में जाने से मनुष्य को सही मार्ग का ज्ञान मिलता है और वह मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि देश को राजनीतिक और सामाजिक स्वतंत्रता मिले कई दशक बीत चुके हैं, लेकिन आज भी कई लोग मानसिक बंधनों में जकड़े हुए हैं. निंदा, चुगली, नफरत और आपसी द्वेष जैसी भावनाएं मनुष्य को भीतर से अशांत करती है. इन बुराइयों से मुक्ति पाकर ही मनुष्य वास्तविक सुख और शांति का अनुभव कर सकता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रेम और सद्भाव के साथ जीवन जीने तथा समाज में मानवता का संदेश फैलाने का आह्वान किया.
कार्यक्रम के दौरान कई श्रद्धालुओं ने रखें अपने विचार
कार्यक्रम के दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपने विचार रखे. भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया. कार्यक्रम के समापन के बाद लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. मौके पर रजरप्पा शाखा मुखी दयानंद प्रसाद, नारायण महतो, तेज नारायण नायक, पंचम दास, नेमीचंद करमाली, अनीता देवी, नेहा देवी, सरिता देवी, रजनी देवी, शांति देवी, पदम देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे.
