उरीमारी. न्यू बिरसा आउटसोर्सिंग कंपनी में कार्यरत मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शुक्रवार को बिरसा परियोजना कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता हुई. इसमें रैयत विस्थापित मोर्चा न्यू बिरसा परियोजना के के प्रतिनिधियों ने सीसीएल प्रबंधन व आउटसोर्सिंग कंपनी को मजदूरों की समस्या से अवगत कराया. हालांकि, लंबी चर्चा के बाद भी वार्ता में कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका. मोर्चा ने कहा कि रैयत व विस्थापित परिवार वर्षों से परियोजना के लिए अपनी जमीन देकर सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. प्रबंधन समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है. प्रबंधन से जब भी बात होती है, केवल आश्वासन देकर मुद्दे को लंबे समय तक के लिए टाल दिया जाता है. ऐसे में मोर्चा आंदोलन का रास्ता चुनेगा. वार्ता में प्रबंधन ने मोर्चा से तीन महीने का वक्त मांगा, जिस पर मोर्चा के लोग सहमत नहीं हुए. मोर्चा ने कहा कि यदि जल्द मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन तेज किया जायेगा. वार्ता के बाद मोर्चा ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने की बात कही है. वार्ता में परियोजना पदाधिकारी मनोज कुमार पांडेय, मैनेजर एचआर विकास रंजन, सौम्या कुमारी, आउटसोर्सिंग कंपनी के मैनेजर मंगल सिंह, झामुमो जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया, विस्थापित नेता सोनाराम मांझी, संजय करमाली, सूरज बेसरा, मोहन सोरेन, बिरजू किस्कू, किशोर करमाली, सनी सोरेन, बंशीलाल मुर्मू, प्रदीप मुर्मू, रवींद्र बैठा, महेश करमाली, सूरज मुंडा, अजय बेसरा, अशोक, मोती यादव, रवि सोरेन, प्रेम सोरेन, अजय करमाली, सुखराम बेसरा, विजय सोरेन शामिल थे.
मजदूरों के मुद्दे पर त्रिपक्षीय वार्ता में नहीं निकला ठोस नतीजा
मजदूरों के मुद्दे पर त्रिपक्षीय वार्ता में नहीं निकला ठोस नतीजा
