दुलमी. दुलमी प्रखंड के दुठूवा गांव में रविवार को सादगीपूर्ण एवं दहेज मुक्त विवाह का आयोजन किया गया. संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस विवाह समारोह ने क्षेत्र में लोगों का ध्यान आकर्षित किया. कार्यक्रम में बिना तिलक, दहेज और फिजूलखर्ची के दो जोड़ों का विवाह संस्कारयुक्त तरीके से संपन्न कराया गया. संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा आयोजित इस विवाह समारोह में सादगी और सामाजिक सुधार की अनूठी मिसाल देखने को मिली. विवाह सत्संग और आध्यात्मिक माहौल के बीच संपन्न हुआ. समारोह में न बैंड-बाजा था, न बारात का शोर और न ही किसी प्रकार का दिखावा किया गया. भक्त रूपेश कुमार महतो, पिता सोहन महतो का विवाह अंशु कुमारी, पिता नरेश प्रसाद महतो के साथ कराया गया. भक्त राजकुमार महतो का विवाह मुनिता कुमारी के साथ संपन्न हुआ. सामाजिक बुराइयों को छोड़ने का संदेश : विवाह समारोह में मौजूद लोगों ने इसकी सादगी, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की. नव दंपती एवं उनके परिजनों ने बताया कि उन्हें इस प्रकार के विवाह की प्रेरणा संत रामपाल जी महाराज से मिली है. उनका कहना था कि आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और लोग नशा, दहेज तथा फिजूल खर्च जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर होकर सरल जीवन की ओर बढ़ रहे हैं.
दुलमी के दुठूवा में हुआ सादगीपूर्ण दहेज मुक्त विवाह, समाज को दिया सकारात्मक संदेश
दुलमी के दुठूवा में हुआ सादगीपूर्ण दहेज मुक्त विवाह, समाज को दिया सकारात्मक संदेश
