रामगढ़: राज्य सूचना आयोग, झारखंड के सूचना आयुक्त शिवपूजन पाठक ने शनिवार को रामगढ़ परिसदन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की. इस बैठक में उपायुक्त ऋतुराज, डीडीसी आशीष अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी और लोक सूचना पदाधिकारी उपस्थित थे. बैठक के दौरान सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई)-2005 के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गयी.
सूचना आयुक्त ने आरटीआई अधिनियम के उद्देश्यों, इसके प्रावधानों और जनहित में इसकी महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यह कानून प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है.
उन्होंने सभी लोक सूचना पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि आरटीआई के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाये. साथ ही आवेदकों को हमेशा स्पष्ट, सटीक और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी जाये.
आवेदनों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब नहीं हो
सूचना आयुक्त शिवपूजन पाठक ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरटीआई आवेदनों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि विभागों से संबंधित सूचनाओं का नियमित संधारण (रिकॉर्ड कीपिंग) और उन्हें समय-समय पर अद्यतन (अपडेट) किया जाये, ताकि आवेदकों को सूचना उपलब्ध कराने में कोई कठिनाई न हो. इसके अलावा, उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि मांगी गई सूचना किसी अन्य विभाग से संबंधित हो, तो आवेदन को नियमानुसार तत्काल संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी को स्थानांतरित कर दिया जाये.
कानूनी प्रावधानों और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया
बैठक में आरटीआई आवेदनों, लंबित मामलों और प्रथम अपीलों की स्थिति की गहन समीक्षा की गयी. साथ ही, लोक सूचना और प्रथम अपीलीय पदाधिकारियों को अधिनियम के कानूनी प्रावधानों और उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि रामगढ़ जिला प्रशासन आरटीआई अधिनियम के प्रभावी अनुपालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी विभागों को समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिये गये हैं.
