रामगढ़ः समाहरणालय सभागार में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट समर्थ के तहत चिह्नित पीवीटीजी व एसटी बहुल गांवों के समग्र एवं समावेशी विकास को लेकर संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई. बैठक में चिह्नित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया.
ग्रामवार सर्वेक्षण से होगा जरूरतों का आकलन
उपायुक्त ने प्रोजेक्ट समर्थ के तहत चिह्नित प्रत्येक गांव का ग्रामवार और योजनावार सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण के माध्यम से गांवों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और जिन सुविधाओं की आवश्यकता है, उनका विस्तृत आकलन किया जाए. इसके आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय कर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए.
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सामूहिक प्रयास से होगा गांवों का विकास
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि पीवीटीजी और एसटी बहुल गांवों का विकास किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. इन क्षेत्रों में अपेक्षित बदलाव लाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सामूहिक प्रयास करना होगा. उन्होंने अधिकारियों को सरकार की कल्याणकारी और विकास योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया.
शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर आजीविका तक पर जोर
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा समेत अन्य जरूरी क्षेत्रों में उपलब्ध सुविधाओं और कमियों का आकलन करने पर जोर दिया गया. अधिकारियों को जरूरत के अनुसार प्राथमिकता तय कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
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