160 एकड़ जमीन की मापी पर भड़के ग्रामीण, बोले- चैनगड़ा में ही कार्रवाई क्यों?

रामगढ़ के चैनगड़ा में 160 एकड़ जमीन की मापी का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने अंचल प्रशासन पर सवाल उठाते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

भुरकुंडा, रामगढ़ : पतरातू प्रखंड के चैनगड़ा गांव स्थित मंदिर परिसर में गुरुवार को ग्रामीणों की बैठक हुई. अध्यक्षता बिट्टू कुमार ने की. बैठक में पतरातू अंचल द्वारा चैनगड़ा के खाता संख्या 173 के चार प्लॉटों की करीब 160 एकड़ जमीन की पहचान और मापी किये जाने का विरोध किया गया.

ग्रामीणों ने कहा कि जमीन की पहचान की जा रही है, लेकिन इसकी स्पष्ट जानकारी रैयतों और ग्रामीणों को नहीं दी जा रही है. अंचल अधिकारी से जानकारी मांगने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला. ग्रामीणों का कहना था कि यदि जमीन की जांच जरूरी है, तो पूरे पतरातू अंचल में जांच होनी चाहिए. केवल चैनगड़ा में कार्रवाई किये जाने का कारण स्पष्ट किया जाये.

गलत कार्रवाई पर आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि चारों प्लॉटों पर किसी भी प्रकार का गलत कार्य हुआ, तो रैयत और ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे. इसकी जिम्मेदारी अंचल प्रशासन की होगी. बैठक में 11 सितंबर को उपायुक्त रामगढ़ को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने का निर्णय लिया गया.

बैठक में भुनेश्वर बेदिया, गिरीशंकर महतो, धनेश्वर उरांव, जगरनाथ उरांव, शिवचरण बेदिया, नरेश महतो, दीपक उरांव, लखन उरांव, सनोज रजवार, बालेश्वर करमाली, राधो प्रसाद, विनोद उरांव, सुरेश बेदिया, प्रमोद केसरी, राजेश बेदिया, संदीप टोप्पो, मनोज तुरी, दीपक कुमार मुंडा, ऐनुल हक, रमेश महतो, सागर महतो, जगदीश महतो, लोकेश्वर बेदिया, लालमोहन बेदिया, छोटेलाल बेदिया, शंभुलाल बेदिया, सिकेंदर बेदिया और भवानी महतो समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मोहम्मद इस्लाम

मोहम्मद इस्लाम वर्ष 2008 से प्रभात खबर से जुड़े हैं. वह पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. समाचार संकलन के दौरान जनसरोकार से जुड़े मुद्दों, सामाजिक गतिविधियों तथा क्षेत्रीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रयासरत हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >