रामगढ़: प्राचीन शिव मंदिर कैथा में शुक्रवार को रक्षाबंधन एवं संस्कृत दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम का आयोजन डॉ सुनील कुमार कश्यप की पहल पर किया गया. इस दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की.
कार्यक्रम में संस्कृत दिवस भी मनाया गया. डॉ सुनील कुमार कश्यप ने संस्कृत दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति पर्व-परंपराओं की समृद्ध धरोहर है. इसमें आध्यात्मिकता, सामाजिक भावनाओं के साथ बौद्धिक चेतना भी समाहित है.
उन्होंने कहा कि श्रावणी पूर्णिमा पर रक्षाबंधन के साथ संस्कृत दिवस मनाया जाना विशेष महत्व रखता है. रक्षाबंधन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जीवन मूल्यों की अभिव्यक्ति है. वहीं, संस्कृत भारतीय भाषा और ज्ञान परंपरा के गौरव का प्रतीक है.
डॉ कश्यप ने कहा कि इस अवसर पर वेद, संस्कृति और सामाजिक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिलता है. ऐसे आयोजन आत्मशुद्धि, आध्यात्मिकता और आत्मगौरव की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं.
कार्यक्रम में कुमारी प्रतिमा, दीपिका वाला, विनय कुमार, प्रियंका वाला, अशोक कुमार महतो, केदार कुमार महतो, ईशा उमंग कश्यप, हर्ष आनंद, तेजस्वी, मीन कुमारी, संगीता कुमारी, कामेश्वर महतो, पूनम कुमारी, दुर्गा चरण महतो, शिवानी कुमारी, हर्षित कुमार, शिवम कुमार, काव्या रानी, दीक्षा महतो, शिवांशी आर्य, वैभव किशोर, विद्यारानी, कृयांश मेहता एवं जीवांश मेहता सहित अन्य लोग मौजूद थे.
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