घाटोटांड़. टाटा स्टील के वेस्ट बोकारो डिवीजन में भारत के भू-वैज्ञानिक और दूरदर्शी विचारक प्रमथ नाथ बोस (पीएन बोस) की जयंती मनायी गयी. वक्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी वैज्ञानिक सोच और दूरदृष्टि ने भारत के इस्पात उद्योग की मजबूत नींव रखी. कार्यक्रम का आयोजन टाटा स्टील की एनआरडी टीम ने टाटा स्टील फाउंडेशन ऑडिटोरियम में किया. इसमें टाटा स्टील, टाटा स्टील फाउंडेशन के वरिष्ठ अधिकारी तथा राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए. समारोह में चीफ इंजीनियरिंग एंड प्रोजेक्ट्स मजहर अली ने कहा कि पीएन बोस केवल एक महान भूवैज्ञानिक ही नहीं थे, बल्कि वे असाधारण व्यावसायिक दृष्टि और दूरदर्शिता वाले व्यक्तित्व भी थे. इस अवसर पर मोहन महतो एवं योगेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे. वक्ताओं ने वर्ष 1904 की उस ऐतिहासिक घटना को भी याद किया, जब पीएन बोस ने जमशेदजी नसरवानजी टाटा को मयूरभंज में लौह अयस्क और झरिया में कोयले की उपलब्धता की जानकारी दी थी. सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के जल स्रोतों पर आधारित उनके अध्ययन ने साकची (वर्तमान जमशेदपुर) में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (टिस्को) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया.
वेस्ट बोकारो में पीएन बोस की जयंती मनायी गयी

वेस्ट बोकारो में पीएन बोस की जयंती मनायी गयी
Copied link
वेस्ट बोकारो में पीएन बोस की जयंती मनायी गयी