पतरातू बना झारखंड का नया औद्योगिक हब, हजारों युवाओं को मिला रोजगार

रामगढ़ का पतरातू प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है. यहां स्थापित उद्योगों और बड़ी परियोजनाओं ने क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर को बदल दिया है, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं.

अजय तिवारी की रिपोर्ट 

Patratu Industrial Development : कभी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ताप विद्युत परियोजना के लिए पहचान रखने वाला रामगढ़ जिले का पतरातू आज झारखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में तेजी से उभर रहा है. बीते कुछ वर्षों में यहां स्थापित उद्योगों, चल रही बड़ी परियोजनाओं और पर्यटन गतिविधियों ने क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल दी है. औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, जिससे पतरातू की पहचान राज्य के उभरते औद्योगिक हब के रूप में मजबूत होती जा रही है. पतरातू औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान समय में कई बड़ी और मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं. इनमें अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट, इंटरलिंक फूड प्रोसेसिंग प्लांट, ओसम मिल्क, पाली हिल्स, सिद्धि टेक गारमेंट्स, गुप्ता इंडस्ट्रीज तथा एवर ग्रीन जैसी फैक्ट्रियां प्रमुख हैं. इन उद्योगों ने न केवल क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया है, बल्कि हजारों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराया है.

प्रशिक्षण के साथ महिलाओं को मिल रहा रोजगार 

औद्योगिक क्षेत्र की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि यहां पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी कार्यरत हैं. विशेष रूप से सिद्धि टेक गारमेंट्स जैसे संस्थानों ने महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का काम किया है. इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं. ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाएं अब उद्योगों में काम कर अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं.

फूड प्रोसेसिंग और सीमेंट उद्योग से बढ़े रोजगार के अवसर 

पतरातू में स्थापित इंटरलिंक फूड प्रोसेसिंग प्लांट और ओसम मिल्क जैसी इकाइयों ने कृषि और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी नए अवसर पैदा किए हैं. स्थानीय स्तर पर उत्पादित कृषि और दुग्ध उत्पादों के प्रसंस्करण से किसानों और पशुपालकों को बाजार उपलब्ध हो रहा है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है. वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार बन चुका है. सीमेंट उत्पादन के क्षेत्र में यह इकाई लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रही है. वर्तमान में प्लांट के विस्तार का कार्य भी चल रहा है. विस्तार परियोजना पूरी होने के बाद उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूर और तकनीकी कर्मी लगे हुए हैं.

औद्योगिक विकास से छोटे व्यवसाय भी हुए मजबूत 

औद्योगिक क्षेत्र में गुप्ता इंडस्ट्रीज और एवर ग्रीन जैसी इकाइयां भी स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. इन उद्योगों के कारण परिवहन, होटल, दुकान, ठेका कार्य और अन्य सहायक व्यवसायों को भी बढ़ावा मिला है. उद्योगों के आसपास छोटे-छोटे व्यवसाय विकसित हुए हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों की आय में वृद्धि हुई है.

पर्यटन से सैकड़ों लोगों को मिला रोजगार 

पतरातू के विकास में पर्यटन क्षेत्र भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. औद्योगिक क्षेत्र के समीप स्थित पतरातू लेक रिसोर्ट आज रोजगार का एक बड़ा केंद्र बन चुका है. राज्य ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक यहां पहुंचते हैं. रिसोर्ट में होटल, रेस्टोरेंट, बोटिंग, एडवेंचर गतिविधियों और अन्य पर्यटन सेवाओं के माध्यम से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है. पर्यटन के बढ़ते दायरे का लाभ स्थानीय युवाओं, वाहन चालकों, दुकानदारों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को भी मिल रहा है.

पीवीयूएनएल परियोजना से हजारों लोगों को मिला रोजगार 

पतरातू के औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी परियोजना पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) का 4000 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 800-800 मेगावाट की पांच इकाइयां स्थापित की जानी हैं. वर्तमान में पहले चरण के तहत तीन इकाइयों पर कार्य किया जा रहा है. इनमें से दो इकाइयों से बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि तीसरी इकाई का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है.पीवीयूएनएल परियोजना के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है. परियोजना से जुड़े निर्माण कार्य, परिवहन, मशीनरी, सुरक्षा, तकनीकी सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को काम मिला है. बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद क्षेत्र की औद्योगिक संभावनाओं को भी नई गति मिली है. आने वाले समय में शेष दो इकाइयों के निर्माण से रोजगार और निवेश के अवसर और बढ़ने की उम्मीद है.

स्थानीय रोजगार ने बदली पतरातू की तस्वीर 

विशेषज्ञों का मानना है कि पतरातू में उद्योग, ऊर्जा और पर्यटन का जो समन्वित विकास हो रहा है, वह झारखंड के अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है. यहां सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य आधारभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है. इससे नए निवेशकों का भी ध्यान पतरातू की ओर आकर्षित हो रहा है.स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले रोजगार के लिए युवाओं को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं. इससे पलायन में कमी आई है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है. महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने सामाजिक और आर्थिक बदलाव को भी गति दी है.

पतरातू बन रहा औद्योगिक और आर्थिक केंद्र 

औद्योगिक इकाइयों के विस्तार, पीवीयूएनएल की बड़ी विद्युत परियोजना और पर्यटन क्षेत्र के निरंतर विकास को देखते हुए आने वाले वर्षों में पतरातू झारखंड के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्रों में शामिल हो सकता है. रोजगार, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हो रही प्रगति यह संकेत दे रही है कि पतरातू अब केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि झारखंड के विकास की नई पहचान बनता जा रहा है.

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

  • चंद्रशेखर सिंह, निवासी- कोतो पंचायत ने कहा कि पतरातू में जिस तेजी से उद्योग स्थापित हो रहे हैं, उसका सबसे बड़ा लाभ स्थानीय युवाओं को मिल रहा है. पहले रोजगार के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था, लेकिन अब क्षेत्र में ही काम के अवसर बढ़े हैं. यदि आने वाले समय में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए और कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था मजबूत हो, तो पतरातू झारखंड का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन सकता है.
  • अफजल केसर, निवासी- मस्जिद कॉलोनी ने कहा कि औद्योगिक विकास से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं. उद्योगों के साथ परिवहन, होटल, दुकान और छोटे-छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिला है. उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग प्रबंधन को स्थानीय युवाओं के कौशल विकास तथा रोजगार सृजन पर लगातार ध्यान देना चाहिए, ताकि विकास का लाभ हर परिवार तक पहुंच सके.
  • सुनील महतो, निवासी- कटिया पंचायत ने कहा कि पतरातू में उद्योग, बिजली परियोजना और पर्यटन का एक साथ विकास होना क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है. इससे महिलाओं को भी रोजगार के बेहतर अवसर मिले हैं और उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि यदि आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और नए उद्योगों की स्थापना इसी गति से जारी रही, तो पतरातू आने वाले वर्षों में झारखंड की औद्योगिक राजधानी के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकता है.

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लेखक के बारे में

By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.

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