पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
पतरातू (रामगढ़). रामगढ़ जिले के पतरातू क्षेत्र की पहचान केवल पतरातू लेक रिजॉर्ट, पीवीयूएनएल पावर प्लांट से ही नहीं, बल्कि यहां स्थापित सैकड़ों सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों से भी है. पतरातू-रांची मुख्य मार्ग, पतरातू डैम और औद्योगिक क्षेत्रों में आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं. दुर्घटनाओं में घायल लोगों अथवा मृतकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की आवश्यकता होती है, लेकिन आपात स्थिति में सरकारी या संस्थागत एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
कई बार निजी एंबुलेंस का लेना पड़ता है सहारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार प्रशासन को भी निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है. एक ओर जहां पतरातू क्षेत्र में सरकारी एवं बड़ी संस्थाओं के पास एंबुलेंस उपलब्ध होने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर जरूरत के समय आम लोगों को तत्काल सुविधा नहीं मिल पाती है.
एक दशक से जरूरतमंदों को निःशुल्क एंबुलेंस सेवा
ऐसे समय में पतरातू प्रखंड अंतर्गत कोतो पंचायत की मुखिया निधि सिंह और उनके पति कांग्रेस नेता सह समाजसेवी जयप्रकाश सिंह (ननकी) द्वारा पिछले करीब एक दशक से आम लोगों को निःशुल्क एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है. बताया जाता है कि अब तक हजारों जरूरतमंदों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है.
जयप्रकाश सिंह (ननकी) ने कहा कि समाज की सेवा करना आसान नहीं है. कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के दौरान एंबुलेंस के साथ चालक और ईंधन का खर्च भी उन्हें स्वयं उठाना पड़ता है. एंबुलेंस को चालू हालत में रखने और उसके रखरखाव पर भी हर महीने हजारों रुपये खर्च होते हैं. इसके बावजूद जरूरतमंदों की परेशानी को देखते हुए सेवा जारी है.
पंचायतों को मिली एंबुलेंस, वर्तमान में अधिकांश खराब
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 14-15 वर्ष पूर्व तत्कालीन कृषि मंत्री सह विधायक योगेंद्र साहू के कार्यकाल में पतरातू प्रखंड के लिए चार से पांच एंबुलेंस खरीदी गई थीं. इन एंबुलेंस को प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में उपलब्ध कराया गया था, ताकि ग्रामीणों को आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके. लेकिन वर्तमान में इनमें से अधिकांश एंबुलेंस विभिन्न स्थानों पर खराब अवस्था में पड़ी है.
पावर ग्रिड की दी एंबुलेंस भी लंबे समय से खड़ी
वहीं, प्रखंड चिकित्सालय को पावर ग्रिड की ओर से एक नई एंबुलेंस उपलब्ध करायी गयी थी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह एंबुलेंस लंबे समय से प्रखंड मुख्यालय में खड़ी है और नियमित उपयोग नहीं होने के कारण खराब होने की स्थिति में पहुंच गयी है.
पीवीयूएनएल के पास तीन और प्रखंड अस्पताल में चार एंबुलेंस
पतरातू क्षेत्र में पीवीयूएनएल जैसी बड़ी संस्था के पास तीन एंबुलेंस तथा पतरातू प्रखंड चिकित्सालय में चार एंबुलेंस उपलब्ध होने की बात कही जा रही है. इसके बावजूद आपात परिस्थितियों में जरूरतमंदों को समय पर एंबुलेंस सेवा नहीं मिल पाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि नियम-कानून और औपचारिकताओं के कारण यदि उपलब्ध एंबुलेंस तत्काल मरीजों के काम नहीं आ सके, तो ऐसी व्यवस्था का उद्देश्य ही प्रभावित होता है.
खराब एंबुलेंस को दुरुस्त कर सेवा में लगाने की मांग
पतरातू क्षेत्र में लगातार बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों, पर्यटकों की आवाजाही और मुख्य मार्ग पर बढ़ते यातायात को देखते हुए मजबूत आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है. लोगों ने खराब पड़ी एंबुलेंस की मरम्मत कर उन्हें दोबारा सेवा में लगाने, अस्पताल एवं संस्थागत एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दुर्घटना की स्थिति में तत्काल एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की मांग की है.
स्थानीय लोगों समेत समाजसेवी प्रभु उरांव का कहना है कि जब सरकारी और संस्थागत स्तर पर एंबुलेंस जैसी सुविधा उपलब्ध है, तो जरूरतमंदों को इसके लिए निजी व्यवस्था पर निर्भर नहीं होना चाहिए. सरकारी संसाधनों का समय रहते उपयोग और बेहतर प्रबंधन होने से दुर्घटना के बाद कई लोगों की जान बचाई जा सकती है.
