ऑनलाइन गेम में हजारों गंवा चुके पॉलिटेक्निक छात्र ने की आत्महत्या

ऑनलाइन गेम में हजारों गंवा चुके पॉलिटेक्निक छात्र ने की आत्महत्या

गिद्दी. ऑनलाइन गेम में हजारों रुपये गंवा चुके पॉलिटेक्निक के छात्र रोहित कुमार ने गिद्दी सी स्थित अपने क्वार्टर में आत्महत्या कर ली. गिद्दी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग भेज दिया. पुलिस ने कहा कि परिजन के लिखित बयान पर मामला दर्ज किया जायेगा. जानकारी मिली है कि ऑनलाइन गेम को लेकर पिछले कुछ दिनों से रोहित कुमार तनाव में था. उसके बड़े भाई रॉबिन कुमार ने शनिवार की रात 11 बजे तक उसे काफी समझाया था. रॉबिन ने उससे कहा था कि जो तुमसे हो गया है, उस पर अब टेंशन नहीं लो. जिनसे तुमने पैसा लिया है, उसे चुकाया जायेगा. खाना खाने के बाद दोनों अपने-अपने कमरे में सो गये. रॉबिन उसे सुबह में जगाने के लिए गया, तो देखा कि वह फंदे के सहारे झूल रहा है. रॉबिन ने बताया कि वह पिछले कुछ माह से ऑनलाइन गेम खेल रहा था. वह इसमें पूरी तरह से उलझ गया था. कुछ दोस्तों से उसने पैसा लिया था. सूत्रों से पता चला है कि ऑनलाइन गेम के लिए वह अपना पुराना मोबाइल भी बेच दिया था. वह ऑनलाइन गेम में काफी पैसा गंवा चुका था. इसके कारण वह तनाव में था. रॉबिन कुमार ने बताया कि रोहित लातेहार के पॉलिटेक्निक में दाखिला लिया था. उसके पिता मनोज महतो घाटो में प्राइवेट काम करते हैं. इस घटना से गिद्दी सी कॉलोनी व उसके परिवार वाले मर्माहत हैं. प्रबुद्ध लोगों को आने आना होगा : मुखिया : मुखिया लखनलाल महतो ने कहा कि ऑनलाइन गेम की लत में युवा फंस रहे हैं. यह समाज के लिए चिंता की बात है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गेम वित्तीय तनाव, रिश्ते टूटना, पारिवारिक हिंसा, मानसिक बीमारी व आत्महत्या जैसे गंभीर समस्याओं को जन्म दे रहा है. इसके लिए प्रबुद्ध लोगों को आगे आना होगा. जांच के बाद उठाया जायेगा कदम : थाना प्रभारी : गिद्दी थाना प्रभारी कुंदन कुमार ने कहा कि रोहित कुमार ने ऑनलाइन गेम के कारण आत्महत्या की है या कुछ अन्य कारणों से, इसकी जांच की जा रही है. जांच के बाद ही इस पर ठोस कदम उठाया जायेगा. गिद्दी सी व डाड़ी के कई युवक ऑनलाइन गेम में फंस चुके हैं : गिद्दी सी व डाड़ी के कई युवक ऑनलाइन गेम में फंस चुके हैं. अमीर बनने के चक्कर में अधिकांश युवक कर्जदार बन रहे हैं. कुछ युवक लखपति भी बन गये हैं. इस पर रोक नहीं लगायी गयी, तो आने वाले दिनों में युवकों की संख्या बढ़ सकती है. क्षेत्र के युवकों को ऑनलाइन गेम बर्बादी की ओर धकेल रहा है. युवकों को लगता है कि वह ऑनलाइन गेम खेल कर जल्द ही लाखों कमा लेंगे. इस चक्कर में युवक काम छोड़ कर पागलों की तरह हमेशा गेम के पीछे लगे रहते हैं. विभिन्न गेमों के नाम पर ऑनलाइन एप बनाया जा रहा है. मोबाइल पर इन दिनों कई गेम एप का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है. यह गेम 24 घंटे चलता है. हर तीन मिनट का गेम होता है. इसमें युवक 10 रुपये से लेकर हजारों रुपये तक लगा देते हैं. गेम खेलने के दौरान जो जितना हारता है, वह उतना ही ज्यादा खेलना चाहता है. इसमें कुछ ही जीत पाते हैं. अधिकांश युवक हारते हैं. हारने वाले युवक कर्ज तथा ब्याज में पैसे लेकर गेम खेलते हैं. गिद्दी सी व डाड़ी में कई युवकों का नेटर्वक है, जो दिन-रात गेम खेलते रहते हैं. गेम खेलने वाले युवकों ने वाट्सएप टीम भी बनायी है. इसमें ऊपर से जो निर्देश दिया जाता है, उसके अनुसार उसे गेम खेलना पड़ता है. गिद्दी सी व डाड़ी के पांच-छह युवक ऐसे हैं, जो गेम से लाखों कमाये हैं. वह लोग लगातार युवकों को गेम खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

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Published by: Saroj tiwary

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