मांडू, रामगढ़: मांडू स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न डिवाइडरों में सड़क सुरक्षा के लिए लगाये गये लोहे के सुरक्षा गार्ड 15 माह से क्षतिग्रस्त हैं. इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. संबंधित विभाग की उदासीनता को लेकर स्थानीय लोगों में रोष है.
जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई 2025 को मांडू मिडिल स्कूल के समीप डीजल चोरी के आरोपियों का पीछा करते हुए पुलिस ने एक वाहन को रोकने का प्रयास किया था. इसी दौरान वाहन डिवाइडर से टकरा गया. पीछे से आ रहे कंटेनर की चपेट में एक पुलिसकर्मी आ गये थे, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गयी थी. हादसे में डिवाइडर की लोहे की जाली भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर टूट गयी थी.
इसी तरह मांडू विक्की राशन दुकान के समीप किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से डिवाइडर पर लगा लोहे का सुरक्षा गार्ड क्षतिग्रस्त होकर दूसरी ओर झुक गया है. दोनों स्थानों पर क्षतिग्रस्त गार्ड अब तक दुरुस्त नहीं किये जाने से सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
पेट्रोलिंग टीम की भूमिका पर भी सवाल
एनएच की पेट्रोलिंग टीम का दायित्व केवल हाईवे पर वाहन दौड़ाने तक सीमित नहीं है. सड़क की स्थिति पर नजर रखना, दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करना, डिवाइडर और सुरक्षा अवरोधों की निगरानी, साफ-सफाई तथा क्षतिग्रस्त संरचनाओं की सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना भी सड़क सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है.
ऐसे में लंबे समय से टूटी और झुकी हुई सुरक्षा गार्ड दुरुस्त नहीं होना पेट्रोलिंग और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. ग्रामीणों का कहना है कि डिवाइडर में लगा लोहे का सुरक्षा गार्ड वाहनों को अनियंत्रित रूप से दूसरी ओर जाने से रोकने और सर्विस रोड व आम लोगों की सुरक्षा के लिए लगाया गया है.
यदि किसी तेज रफ्तार वाहन का संतुलन बिगड़ता है और वह क्षतिग्रस्त हिस्से से होकर सर्विस रोड की ओर चला जाता है, तो बड़े हादसे की आशंका बनी रह सकती है.
