उरीमारी. सीसीएल बरका सयाल क्षेत्र के उरीमारी परियोजना में मंगलवार को विस्थापितों की समस्याओं को लेकर बैठक हुई. बैठक में विस्थापित नेता दसई मांझी ने परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया. बैठक में विस्थापितों व ग्रामीणों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्षों से विस्थापित परिवार मूलभूत सुविधाओं व रोजगार की समस्या से जूझ रहे हैं. इसमें मुख्य रूप से विस्थापित प्रमाण पत्र निर्गत करने में हो रही देरी, हेसाबेड़ा बस्ती में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, जमीन के बदले नौकरी व मुआवजा, कोल क्रशर से फैल रहे प्रदूषण की समस्या शामिल है. बताया गया कि कोल क्रेशर से उड़ने वाली धूल के कारण आसपास के गांवों में लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क व बस्तियों में लगातार धूल जमा रहने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है. प्रदूषण पर रोक के लिए प्रतिनिधिमंडल ने नियमित जल छिड़काव की मांग की. हेसाबेड़ा बस्ती में पेयजल संकट पर लोगों ने नाराजगी जताते हुए समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग. बैठक में सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद परियोजना पदाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाया जायेगा. बैठक में दिनेश करमाली, कार्तिक मांझी, सुखु मांझी, खेपन मांझी, शिकारी टुडू, संतोष प्रजापति, तालो हांसदा, मनोज सिंह, सुबित राम किस्कू, परमेश्वर सोरेन, विनोद सोरेन, फूलचंद बेदिया, पूरन टुडू, धनलाल बेदिया, सत्यनारायण बेदिया, मंटू मरांडी, विकास टुडू, विक्रम टुडू, सोमरा पंवरिया, बारियत किस्कू, प्रदीप किस्कू, अमित सोरेन, कामाख्या सोरेन, महावीर मांझी, रमेश मांझी, बिरजू मांझी, बिगना मांझी, अनिल मुर्मू, दीपक मरांडी उपस्थित थे.
उरीमारी परियोजना में विस्थापितों ने उठायी मूलभूत सुविधाओं और मुआवजे की मांग
उरीमारी परियोजना में विस्थापितों ने उठायी मूलभूत सुविधाओं और मुआवजे की मांग
