रामगढ़: झारखंड प्रजापति (कुम्हार) महासंघ, जिला रामगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने रामगढ़ विधायक ममता देवी को ज्ञापन सौंपकर झारखंड माटी कला बोर्ड का पुनर्गठन, अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति तथा बोर्ड को पुन: सक्रिय करने की मांग की.
महासंघ ने कहा कि वर्ष 2020 में बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब तक इसका पुनर्गठन नहीं हुआ है, जिससे माटी कला से जुड़े कारीगरों की उपेक्षा हो रही है. ज्ञापन में बताया गया कि औद्योगिकीकरण और आधुनिक तकनीक के कारण पारंपरिक माटी कला संकट में है तथा प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, सब्सिडी, आसान ऋण और विपणन सुविधा के अभाव में कुम्हार समाज के लोग इस व्यवसाय से दूर हो रहे हैं.
महासंघ ने मांग की कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में बोर्ड के पुनर्गठन, पर्याप्त बजटीय प्रावधान तथा कारीगरों के प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाये. प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इससे लाखों कुम्हार परिवारों को सम्मानजनक आजीविका मिलेगी और पारंपरिक माटी कला के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राधाविनोद प्रजापति, जिला महामंत्री उमेश कुमार प्रजापति, रंजीत प्रजापति, यशवंत प्रजापति, राजेंद्र प्रजापति, बालेश्वर प्रजापति, रवि प्रजापति, रूपलाल प्रजापति, गणेश प्रजापति सहित अन्य लोग मौजूद थे.
