लूट और चोरी से कोयलांचल के व्यवसायियों में खौफ

लूट और चोरी से कोयलांचल के व्यवसायियों में खौफ

By SAROJ TIWARY | January 16, 2026 10:24 PM

आम-आवाम भी चिंतित, नहीं हो रहा मामले का उदभेदन. भुरकुंडा. भुरकुंडा कोयलांचल क्षेत्र में लगातार हो रही लूट व चोरी की घटनाओं से व्यवसायी वर्ग में खौफ है. वारदात के बाद घटनाओं का उदभेदन नहीं होने के कारण व्यवसायी वर्ग अब क्षेत्र में बड़े कारोबार से कतराने लगा है. चोरों द्वारा बंद घरों को निशाना बनाते हुए लाखों की चोरी की जा रही है. पिछले तीन महीने में घटी बड़ी घटनाओं पर गौर करें, तो भुरकुंडा थाना क्षेत्र के सेंट्रल सौंदा में नौ नवंबर को सीसीएल कर्मी श्याम राजभर के बंद घर से चोरों ने लगभग 10 लाख की संपत्ति की चोरी कर ली. श्री राजभर यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के दामाद हैं. राजनीतिक दबाव होने के बाद बावजूद अभी तक चोर पकड़े नहीं जा सके हैं. 21 अक्तूबर को सेंट्रल सौंदा में ही शंभुनाथ शर्मा के बंद घर को चोरों ने खंगाला. घर से बाइक व लाखों के जेवरात चोर ले गये. यह घटना भी अभी तक अनसुलझी है. 26 अक्तूबर को रिवर साइड में सीसीएलकर्मी विजय यादव के बंद आवास से चोरों ने डेढ़ लाख की संपत्ति की चोरी कर ली. क्षेत्र की सबसे चर्चित घटना भुरकुंडा में बाजार में सरेशाम विजय ज्वेलर्स लूटकांड की रही. लुटेरों ने करीब सवा करोड़ की ज्वेलरी लूट ली. इस घटना का भी अब तक खुलासा करने में पुलिस विफल रही है. 16 जनवरी को सौंदा डी में दो ज्वेलरी दुकानों से 18 लाख की चोरी की घटना हुई है. इसके अलावा कई छोटी-मोटी चोरी की अन्य घटनाएं भी घट चुकी हैं. पुलिस के निर्देश का नहीं होता है पालन : पुलिस अक्सर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व व्यवसायियों की बैठक बुला कर दुकानों में सीसीटीवी लगाने, बंद घरों की जानकारी पुलिस को देने की बात कहती रहती है. लेकिन पुलिस की बातों पर गंभीरता से अमल नहीं होने के कारण भी घटनाओं के बाद अपराधियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में परेशानी हो रही है. पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में पुलिस एक्टिव है. सभी का उदभेदन होगा. जनता व उनकी संपत्ति की सुरक्षा में पुलिस पीछे नहीं है. निष्क्रिय हो गयी है पुलिस : विधायक : विधायक रोशनलाल चौधरी का कहना है कि पुलिस तंत्र पूरी तरह निष्क्रिय हो चुका है. यही वजह है कि लगातार घटनाएं घट रही हैं और अपराधी पकड़े नहीं जा रहे हैं. इस तरह घटनाओं से व्यवसायी व आम-आवाम में भय है. पुलिस को चाहिए कि घटनाओं के बाद वह अपराधियों को तत्काल पकड़ते हुए जनता का विश्वास कायम रखने का प्रयास करे.

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