पतरातू. हेसला पंचायत भवन में रविवार को ग्रामीणों की बैठक हुई. बैठक का मुख्य मुद्दा प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा पंचायत में प्रस्तावित विकास योजनाओं को नहीं कराने का आरोप रहा. ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि गर्मी के कारण पंचायत में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गयी है. बैठक में बताया गया कि 30 अप्रैल को पंचायत की खराब जलमीनारों की मरम्मत के लिए सूची प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपी गयी थी. इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई या दिशा-निर्देश नहीं दिया गया. इसके बाद पंचायत की मुखिया ने पुनः पत्राचार कर पंचायत में उत्पन्न पेयजल संकट से प्रशासन को अवगत कराया. मुखिया ने पत्र में कहा कि पंचायत के कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत हो रही है. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जलमीनार और चापानलों की मरम्मत नहीं करायी गयी, तो पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी. पंचायत की मुखिया ने मामले की जानकारी स्थानीय विधायक रोशन लाल चौधरी को भी पत्र भेजकर दी है. संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की है. प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने कहा कि पूर्व की योजनाओं का मरम्मत कार्य मुखिया करा सकते हैं. नयी योजनाओं के लिए ग्राम सभा कर जिला स्तर से अनुमति लेनी आवश्यक होगी.
हेसला पंचायत में गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
हेसला पंचायत में गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप
