चितरपुर. चितरपुर प्रखंड मुख्यालय के सभागार कक्ष में मंगलवार को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की ओर से प्रखंड स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में प्रखंड क्षेत्र के 200 से अधिक किसानों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी दीपक मिंज एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी चित्रा सिंह मुंडा ने किया. कार्यशाला में ड्रॉट कंटीजेंट प्लान विषय पर चर्चा की गयी. इस दौरान बीडीओ श्री मिंज ने कहा कि अल नीनो के प्रभाव के कारण झारखंड में मानसून कमजोर रहने की संभावना है. ऐसे में कम बारिश होने की आशंका है. इससे मक्का एवं धान की खेती प्रभावित हो सकती है. उन्होंने किसानों से मौसम के अनुरूप खेती की पद्धति अपनाने की अपील करते हुए कहा कि वैकल्पिक फसलों के रूप में मोटे अनाज, दलहन एवं कम समय और कम पानी में तैयार होने वाली धान की किस्मों पर विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती कर किसान नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं. कम समय और कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों का चयन करें : प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने कहा कि बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को ऐसी फसलों की किस्मों का चयन करना चाहिए, जिनमें कम समय और कम पानी की आवश्यकता हो. उन्होंने किसानों को मोटे अनाज की खेती अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मड़वा, ज्वार और बाजरा जैसी फसलें कम बारिश की स्थिति में बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं. दलहन फसलों में अरहर, कुर्थी और उड़द की खेती करने की सलाह दी गयी. सहायक तकनीकी प्रबंधक अनामिका टेटे ने माइक्रो ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर, वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण के विभिन्न उपायों की जानकारी दी. मौके पर कृषि मित्र सतीश कुमार महतो, दिलीप कुमार महतो, बलदेव महतो, सुधीर कुमार अकेला, निर्मल प्रसाद, रवींद्र चौधरी, सुरभि कुमारी, लीलावती कुमारी, सविता देवी, कौशल्या देवी, अनीता कुमारी, वीणा देवी, तेजू कुमार महतो एवं जितेंद्र कुमार महतो उपस्थित थे.
चितरपुर में खरीफ कार्यशाला का आयोजन, किसानों को दी आधुनिक खेती की जानकारी
चितरपुर में खरीफ कार्यशाला का आयोजन, किसानों को दी आधुनिक खेती की जानकारी
