जप-तप, ध्यान और योग से नहीं मिलता है मोक्ष : संत रामपाल

जप-तप, ध्यान और योग से नहीं मिलता है मोक्ष : संत रामपाल

दुलमी प्रखंड के ढुठुवा गांव में सत्संग का आयोजन दुलमी. दुलमी प्रखंड के ढुठुवा गांव में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान संत रामपाल महाराज के प्रवचनों को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया. प्रवचन में उन्होंने बताया कि पारंपरिक रूप से किये जाने वाले जप-तप, ध्यान और योग के माध्यम से मोक्ष की प्राप्ति संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि मोक्ष प्राप्त करने के लिए वेद, शास्त्र में वर्णित प्रमाणों को समझना आवश्यक है. संत रामपाल महाराज ने बताया कि पूर्ण मोक्ष तभी संभव है, जब व्यक्ति किसी पूर्ण सतगुरु से नाम दीक्षा लेकर सही साधना करता है. इससे मन को शांति और आत्मा को परम लक्ष्य की प्राप्ति होती है. उन्होंने वेदों के आधार पर प्रमाण देते हुए बताया कि परम पद की प्राप्ति केवल उसी परमेश्वर की शरण से संभव है, जो सृष्टि का वास्तविक कर्ता है. मोक्ष का मार्ग किसी तपस्या या योग की सिद्धियों से नहीं खुलता, बल्कि सृष्टिकर्ता परमेश्वर ही मोक्ष द्वार खोलते हैं. योग, ध्यान और कठोर तपस्या करने वाले साधक ब्रह्मलोक तक तो पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें पुनः जन्म-मरण के चक्र में लौटना पड़ता है. मौके पर करन सिंह, बालगोविंद कुमार, सत्यप्रकाश ठाकुर, अभिषेक, बबलू, मधु, प्रेम, रूपेश एवं प्रदीप मौजूद थे.

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By SAROJ TIWARY

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