:: करम लोक संस्कृति ही झारखंड की असली पहचान : चंद्रप्रकाश चौधरी

:: करम लोक संस्कृति ही झारखंड की असली पहचान : चंद्रप्रकाश चौधरी

::::कुंदरुकला में प्रखंडस्तरीय बूढ़ा करम झूमर महोत्सव का आयोजन चितरपुर. कुंदरुकला स्थित महथा बगीचा में शनिवार को करम झूमर महोत्सव का आयोजन किया गया. इस अवसर पर हजारों की भीड़ उमड़ी. पूरा वातावरण ढोल-मांदर की ग���ंज और करम गीतों से गूंज उठा. महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विशिष्ट अतिथि मांडू विधायक निर्मल उर्फ तिवारी महतो, पूर्व विधायक सुनीता चौधरी एवं रामगढ़ जिला परिषद अध्यक्ष सुधा देवी, पूर्व जिप अध्यक्ष ब्रह्मदेव महतो, पार्षद धनेश्वर महतो, पार्षद प्रीति दीवान, पार्षद जलेश्वर महतो, पार्षद भोला तुरी ने किया. अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया. कार्यक्रम में कुंदरुकला, बारलोंग और दोहाकातू पंचायत समेत विभिन्न गांवों से आयी महिला व युवा टीमों ने करम गीतों पर झूमर नृत्य प्रस्तुत किया. सांसद श्री चौधरी ने कहा कि करम पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक है. झारखंड की असली पहचान उसकी लोक संस्कृति है. ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी परंपरा से जोड़ने का काम करते हैं. उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया. विधायक श्री महतो ने कहा कि करम समाज में भाईचारे और समरसता का संदेश देता है. पूर्व विधायक श्रीमती चौधरी एवं जिप अध्यक्ष सुधा देवी ने भी आयोजन को ऐतिहासिक बताया. इस महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया. मौके पर किशुन राम मुंडा, गोपाल चौधरी, अमृतलाल मुंडा, प्रदीप नायक, धनेश्वर यादव, बालेश्वर महतो, तुलसीदास महतो, विजय केसरी, महेश महतो, गोविंद मुंडा, लालबिहारी महतो, मोहराय महतो मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Saroj tiwary

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >