रामगढ़. इस्कॉन मंदिर रामगढ़ की ओर से कॉलेज रोड स्थित कलश बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में मनायी गयी. इस अवसर पर विविध धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.
श्रीकृष्ण कथा और आध्यात्मिक प्रवचन से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण कथा, आध्यात्मिक प्रवचन, हरिनाम संकीर्तन, कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कृष्ण-लीला का मंचन आकर्षण का केंद्र रहा. भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, आदर्शों और संदेशों पर वक्ताओं ने श्रद्धालुओं को विस्तार से जानकारी दी.
महामंत्र के संकीर्तन में झूमे श्रद्धालु
कार्यक्रम स्थल पर “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम, हरे राम, राम राम हरे हरे” महामंत्र का निरंतर संकीर्तन होता रहा. बीजीआइएस गुरुकुल वृंदावन की कीर्तन मंडली ने भक्तिमय संकीर्तन की प्रस्तुति दी. भजन एवं सामूहिक गायन के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर कृष्ण भक्ति में झूमते नजर आये.
कृष्ण-लीला के मंचन ने मोहा मन
कृष्ण-लीला के मंचन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया. कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और पूरा परिसर भक्तिरस से सराबोर हो उठा.
आकर्षक सजावट और श्रीकृष्ण का झूला बना आकर्षण
जन्माष्टमी को लेकर कलश बैंक्वेट हॉल को आकर्षक तरीके से सजाया गया था. परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के लिए विशेष झूला लगाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की. सजावट और धार्मिक वातावरण ने आयोजन को और भव्य बना दिया.
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नाव पर श्रीकृष्ण का नौका विहार रहा खास आकर्षण
आयोजन स्थल पर नाव पर भगवान श्रीकृष्ण का नौका विहार भी श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा. श्रद्धालुओं ने इस विशेष झांकी के दर्शन किये और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की.
विशेष आरती और मंगल दर्शन में उमड़ी श्रद्धा
जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष आरती एवं मंगल दर्शन कराया गया. भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। देर रात तक श्रद्धालु भक्ति और संकीर्तन में डूबे रहे।
आयोजन की सफलता में संस्था के सदस्यों का रहा सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में इस्कॉन अध्यक्ष मधुसूदन मुकुंद प्रभु, सहस्त्रमाता, प्रबंधन एवं रूप सज्जा आशुतोष प्रभु समेत संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा.
