सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर में बढ़ रही मारपीट की घटनाएं, आस्था पर लग रहा आघात

सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर में बढ़ रही मारपीट की घटनाएं, आस्था पर लग रहा आघात

प्रतिनिधि, रजरप्पा देश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर परिसर में पिछले कई महीनों से श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच मारपीट की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. कार पार्किंग, प्रसाद खरीदारी और छोटी-छोटी बातों को लेकर यहां अक्सर कहासुनी, झड़प और मारपीट की स्थिति बन जाती है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से न केवल मंदिर की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंच रही है. रजरप्पा मंदिर में झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मां छिन्नमस्तिके के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालु अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसर जैसे जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, विवाह, मुंडन संस्कार तथा मन्नत मांगने या मन्नत पूरी होने पर यहां पूजा-अर्चना करने आते हैं. लेकिन मंदिर परिसर में बार-बार होने वाली विवाद और मारपीट की घटनाएं इस पवित्र स्थल की गरिमा को प्रभावित कर रही हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाये तथा अवैध गतिविधियों पर रोक लगायी जाये, तो इस तरह की घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है और सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर की गरिमा बनी रह सकती है. उधर, सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु रजरप्पा मंदिर पहुंचे और मां छिन्नमस्तिके देवी की विधिवत पूजा-अर्चना कर मत्था टेका. डीएसपी मुख्यालय के जांच के बाद हुई कार्रवाई एसपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए मुख्यालय डीएसपी चंदन कुमार वत्स को जिम्मेदारी दी गयी थी. जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद कार्रवाई की गयी. घटना के दौरान सहायक अवर निरीक्षक प्रकाश चंद्र मुर्मू ड्यूटी पर तैनात थे. इस दौरान एक श्रद्धालु ने उन्हें अपशब्द कहते हुए उनके कंधे पर लगे स्टार को नोच दिया और गर्दन पकड़ ली. इसके बाद वहां मौजूद श्यामलाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव, जॉनसन सुरीन तथा गृह रक्षक सिकंदर यादव ने श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई की. जांच के बाद प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी को छोड़कर अन्य सभी को निलंबित कर दिया गया. एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी परिस्थिति में श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यदि कोई श्रद्धालु पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करता है, तो उस पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाये. ओपी प्रभारी को लगायी कड़ी फटकार मामले की जांच के लिए रजरप्पा पहुंचे एसपी अजय कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और रजरप्पा मंदिर ओपी प्रभारी कामाख्या शर्मा को कड़ी फटकार लगायी. उन्होंने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए सख्त निर्देश दिया. 22 फरवरी को हुई थी बड़ी मारपीट मंदिर परिसर में 22 फरवरी को दुकानदारों और पलामू से आये युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई थी. दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक हंगामा हुआ था. बाद में इस मामले में 16 लोगों के खिलाफ रजरप्पा थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं, लेकिन ठोस कदम नहीं उठाये जाने के कारण विवाद की स्थिति बार-बार उत्पन्न हो जाती है. धार्मिक न्यास बोर्ड ने उठायी जांच की मांग, डीजीपी को लिखा पत्र इस घटना को लेकर झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य राकेश सिन्हा ने झारखंड के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं. उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की है. अवैध शराब बिक्री भी बन रही विवाद की वजह स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर क्षेत्र के कुछ दुकानों में अवैध रूप से शराब की बिक्री भी की जाती है. कई बार शराब के सेवन के बाद श्रद्धालुओं और दुकानदारों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है. जानकारी के अनुसार रजरप्पा मंदिर से लगभग पांच से छह किलोमीटर दूर एक अनुज्ञप्ति प्राप्त शराब दुकान है, जहां मंदिर आने वाले श्रद्धालु अक्सर शराब खरीदते देखे जाते हैं.

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By Akarsh aniket

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