पतरातू-रांची मार्ग पर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा हनुमानगढ़ी मोड़, भारी वाहनों के कारण बना 'ब्लाइंड स्पॉट'

पतरातू-रांची मुख्य सड़क मार्ग पर हनुमानगढ़ी मोड़ अब दुर्घटनाओं का केंद्र बनता जा रहा है. सड़क के दोनों ओर खड़े भारी वाहन यातायात को बाधित कर रहे हैं और स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं. पार्किंग की सुविधा होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है.

पतरातू(रामगढ़). रामगढ़ जिले के पतरातू-रांची मुख्य मार्ग पर डीएवी स्कूल के समीप स्थित हनुमानगढ़ी मोड़ दुर्घटनाओं के लिहाज से बेहद खतरनाक बनता जा रहा है. मुख्य सड़क के दोनों ओर मटेरियल लदे भारी वाहनों के बेतरतीब खड़े रहने से जहां रोज यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं आम राहगीरों, पीवीयूएनएल कर्मचारियों, स्कूली गाड़ियों और स्थानीय निवासियों के सामने हादसे का गंभीर खतरा बना हुआ है.

यह मार्ग हनुमानगढ़ी, पंचमंदिर, रसदा और लबगा पंचायतों को जोड़ता है. मोड़ के समीप बड़े वाहनों की मौजूदगी से सामने से आने वाले छोटे वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे यह स्थिति बच्चों और राहगीरों के लिए हर पल जान का खतरा पैदा करती है.

भारी वाहनों की अवैध पार्किंग एक गंभीर समस्या

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मटेरियल लदे भारी वाहनों के लिए अलग से पार्किंग यार्ड की व्यवस्था की गई है, लेकिन इसके बावजूद चालक वाहनों को मुख्य सड़क के किनारे ही खड़ा कर रहे हैं. इससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है. सड़क किनारे गाड़ियों की कतार लगे रहने से छोटे वाहन चालकों को मजबूरन सड़क के बीच से गुजरना पड़ता है, वहीं पैदल चलने वाले लोगों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सुरक्षित रास्ता तक नहीं मिल पाता.

पीक आवर्स (सुबह और शाम) में स्थिति और भी ज्यादा विकट हो जाती है. पिछले हफ्ते, एक स्कूली बस जाम में फंस गई थी, जिससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में देरी हुई और एक बार तो मरीज को अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस भी घंटों फंसी रही.

स्थानीय लोगों की मांग

सुरक्षा और सुगम यातायात समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने संबंधित विभाग तथा प्रशासन से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है. ग्रामीणों ने मांग की है कि हनुमानगढ़ी मोड़ का प्रशासनिक निरीक्षण किया जाए और सड़क किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग पर सख्त रोक लगाई जाए.

लोगों का कहना है कि मालवाहक वाहनों को पार्किंग यार्ड में ही खड़ा कराने की व्यवस्था हो, ताकि किसी बड़े हादसे को टालने के लिए स्कूली बच्चों, स्थानीय कॉलोनीवासियों और आम वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके. संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

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By Ajay tiwari

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