पतरातू. झारखंड औद्योगिक कामगार मंच के संयोजक निरंजन लाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि श्रमिकों और कामगारों के 29 श्रम अधिनियमों के अस्तित्व की रक्षा के लिए 12 फरवरी को प्रस्तावित सार्वजनिक हड़ताल को सफल बनाना प्रत्येक कर्मी का श्रमिक धर्म और कर्तव्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को तोड़-मरोड़ कर चार श्रमिक कोड में समेट दिया गया है. घोषित चारों श्रमिक कोड अत्यंत आधारहीन और एकपक्षीय है. इन कोडों के माध्यम से नियोक्ताओं को मनमानी करने और श्रमिकों के शोषण का व्यापक अधिकार सौंप दिया गया है. देशभर के श्रमिक संगठनों ने 12 फरवरी की हड़ताल का आह्वान किया है. यदि किसी कारणवश या नियोक्ता की दंडात्मक कार्रवाई के भय से श्रमिक हड़ताल में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो वे कार्यस्थल से बाहर आकर सामूहिक रूप से काला बिल्ला या श्रमिक अधिनियम विरोधी बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन करें.
12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने की अपील
12 फरवरी की हड़ताल को सफल बनाने की अपील
