चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के मायल स्थित सामुदायिक भवन में शनिवार को झारखंड राज्य मिलेट मिशन के तहत कृषि शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में किसानों को बदलते मौसम और संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली मिलेट एवं दलहन फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. योजना से जोड़ने के लिए किसानों का निबंधन भी कराया गया. कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी चित्रा सिंह मुंडा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है. ऐसे में किसानों को धान के साथ-साथ ज्वार, बाजरा और रागी जैसी मिलेट फसलों की खेती पर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये फसलें कम पानी में भी अच्छी उपज देती हैं और किसानों की आय बढ़ाने के साथ पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित करती हैं. उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से झारखंड राज्य मिलेट मिशन का लाभ उठाने की अपील की.
किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के प्रति किया जागरूक
सहायक तकनीकी प्रबंधक अनामिका टेटे ने किसानों को मिलेट मिशन के तहत मिलने वाली सुविधाओं, उन्नत खेती की तकनीक तथा फसल प्रबंधन की जानकारी दी. कृषक मित्र सतीश कुमार ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया. शिविर में झारखंड राज्य मिलेट मिशन के तहत किसानों का कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से निबंधन कराया गया. मौके पर सुरभि कुमारी, ललिता देवी, लक्ष्मी कुमारी, टिकेश्वरी देवी, झलकी देवी, चिंता देवी, चुनर देवी, गोवर्धन महतो, विलासो देवी उपस्थित थे.
