Ramgarh: नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार, भारी मात्रा में शराब जब्त

Ramgarh: रामगढ़ में नकली शराब निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि भारी मात्रा में नकली शराब और निर्माण सामग्री बरामद की गई. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

गोला से राजकुमार की रिपोर्ट
Ramgarh: गोला प्रखंड के बंदा गांव में शुक्रवार सुबह एसपी के आदेश पर एसडीओपी के नेतृत्व में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मकान में संचालित नकली शराब बनाने की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकली एवं अवैध शराब, खाली बोतलें, विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर, पैकिंग सामग्री और शराब निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण बरामद करने के साथ एक कार को भी जब्त किया गया. पुलिस ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया. जबकि एक अन्य आरोपी भागने में सफल रहा. पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि बंदा गांव में लंबे समय से अवैध रूप से नकली शराब तैयार कर उसकी आपूर्ति विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने शुक्रवार की सुबह छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान एक मकान से बड़ी मात्रा में नकली शराब और उससे संबंधित सामग्री बरामद की गयी. पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.

वर्षों से चल रहा था अवैध कारोबार

पुलिस के अनुसार बंदा गांव निवासी अशोक साव एवं अनिल साव के घर में लंबे समय से नकली शराब बनाने का कारोबार संचालित किया जा रहा था. दोनों सगे भाई बताए जाते हैं. आरोप है कि दोनों रजरप्पा मंदिर क्षेत्र सहित गोला और आसपास के इलाकों में नकली शराब की सप्लाई करते थे. इस अवैध कारोबार के कारण क्षेत्र में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में यह धंधा कोई नया नहीं था, बल्कि वर्षों से खुलेआम संचालित हो रहा था. कई बार इसकी जानकारी प्रशासन और संबंधित विभागों को भी दी गई थी, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कारोबार लगातार फलता-फूलता रहा.

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

बताया जाता है कि अशोक साव और अनिल साव के खिलाफ पूर्व में भी पुलिस एवं आबकारी विभाग द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है. इसके बावजूद दोनों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और अवैध कारोबार जारी रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय-समय पर छापेमारी तो हुई, लेकिन स्थायी रूप से इस धंधे पर रोक नहीं लग पायी. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद शराब किन-किन क्षेत्रों में भेजी जाती थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं. संभावना जताई जा रही है कि इस अवैध कारोबार में कई अन्य लोगों की भी संलिप्तता हो सकती है.

40 दिनों में दूसरी बड़ी सफलता

10 मई को गोला थाना क्षेत्र के ऊपर खाखरा स्थित पत्थलगढ़ा गांव में भी पुलिस ने नकली शराब बनाने वाली एक मिनी फैक्ट्री का खुलासा किया था. उस मामले में स्थानीय दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था और एक दर्जन नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. लगभग 40 दिनों के भीतर पुलिस द्वारा नकली शराब निर्माण के दो बड़े मामलों का खुलासा किया जाना क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के व्यापक नेटवर्क की ओर संकेत करता है. लगातार सामने आ रहे मामलों से स्पष्ट है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नकली शराब का कारोबार संगठित रूप से संचालित किया जा रहा है.

पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

बंदा गांव में वर्षों से नकली शराब निर्माण की गतिविधियां चलने के बावजूद पुलिस को इसकी जानकारी नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो यह कारोबार इतना बड़ा रूप नहीं ले पाता. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत किये जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में अब यह चर्चा भी तेज हो गयी है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह धंधा प्रशासन की नजरों से कैसे बचा रहा. क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है.

होटलों और झुग्गी-झोपड़ियों तक पहुंचता है नेटवर्क

स्थानीय लोगों के अनुसार गोला क्षेत्र के कई छोटे-बड़े होटलों, ढाबों तथा झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री लंबे समय से की जाती रही है. नकली शराब का यह नेटवर्क ग्रामीण इलाकों से लेकर बाजार क्षेत्रों तक फैला हुआ बताया जाता है. लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन नियमित रूप से जांच अभियान चलाए तो अवैध शराब बिक्री के कई और मामले सामने आ सकते हैं. नकली शराब का कारोबार न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाता है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करता है.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने बरामद शराब और अन्य सामग्रियों को जब्त कर लिया है. गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है. पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं क्षेत्र के लोग इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब कारोबार पर स्थायी अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं.

छापेमारी में शामिल पुलिस

छापेमारी में मुख्य रूप से एसडीपीओ आलोक रंजन, इंस्पेक्टर पंकज कुमार, थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, एसआई अमित कुमार, कुमार प्रभात रंजन, स्वामी रंजन ओझा, एएसआई बहादूर महतो, संजय गोराई सहित अन्य मौजूद थे.

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Published by: AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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