रामगढ़ निकाय चुनाव : चौका-चूल्हे से चुनावी मैदान में ससुराल से मिला बहुओं को भरोसा

रामगढ़ नगर निकाय चुनाव में इस बार महिला सशक्तीकरण की उभरती तस्वीर सामने आ रही है

सलाउद्दीन

रामगढ़. रामगढ़ नगर निकाय चुनाव में इस बार महिला सशक्तीकरण की उभरती तस्वीर सामने आ रही है. घर के चौका-चूल्हों तक सीमित रहने वाली बहुएं निकाय चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने के लिये चुनाव मैदान में हैं. रामगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष पद महिला अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित है. वहीं 32 वार्डों में से 15 वार्ड में महिला उम्मीदवार ही चुनाव लडेंगे. क्योंकि सभी 15 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित है. नामांकन प्रक्रिया के चार दिनों में महिला उम्मीदवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. नामांकन में महिला उम्मीदवारों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी नामांकन स्थल पहुंच रही हैं. महिलाओं में चुनावी भागीदारी को लेकर उत्साह चरम पर है.

घर की दहलीज लांघकर लोकतंत्र के मैदान में बहू

रामगढ़ निकाय चुनाव के नामांकन के शुरुआती चार दिनों में महिला उम्मीदवारों की संख्या अधिक दिख रही है. महिलाएं राजनीति को लेकर जागरूक हैं. साथ ही निर्णायक भूमिका निभाते हुए अपने क्षेत्र का विकास करना चाहती हैं. चुनावी मैदान में उतरने वाली अधिकांश महिला उम्मीदवार अपने क्षेत्र की बहू हैं. जिस क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिये नामांकन पत्र खरीदा है. वही उनका ससुराल है. इसमें वार्ड संख्या 18 से अनिता देवी, 12 से मेनवा देवी, वार्ड एक से सरोज देवी, 24 से तारा कुमारी, नौ से गीता देवी, 23 से क्षमा दिवारी, 19 से रेणु देवी, सात से ज्योति मिश्रा, 22 से अल्पना दास, 30 से आशा महतो, 11 अमरीन मंजर, वार्ड नौ की आरतमनी मंडल, 19 अर्शी परवीन, वार्ड 20 से नुसरत परवीन, 29 से जयंती देवी, वार्ड दो से पुष्पा देवी, 25 से सोनी देवी सभी महिला उम्मीद्वार चुनावी किस्मत आजमाने जा रही हैं. जो अपने क्षेत्र की बहू है. जनसेवा और राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभायेगी. इन महिलाओं को ससुराल पक्ष से चुनाव लड़ने की पूरी स्वतंत्रता और समर्थन मिल रहा है. यह न केवल ससुराल पक्ष परिवार की सोच में बदलाव है. बल्कि महिलाओं की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है.

उम्मीदवार बनने वाली बहुओं ने कहा

उर्मिला देवी वार्ड 17 निवासी ने कहा कि रामगढ़ निकाय चुनाव में महिलाओं की उम्मीदवारी से यह संदेश है. केवल घर की जिम्मेदारियों से ही नहीं बल्कि समाज और राजनीति में भी नेतृत्व करने के लिये महिलाएं तैयार हैं.

अमरीन मंजर वार्ड 11 निवासी ने कहा कि ससुराल से मिले यह भरोसा और आजादी महिलाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम है.

अल्पना दास वार्ड 22 निवासी ने कहा कि ससुराल और समाज साथ खड़ा हो, तो महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभाने में पीेछे क्यों रहेंगी.

अनु विश्वकर्मा वार्ड 17 निवासी ने कहा कि बहुओं की यह सियासी दस्तक राजनीति की दिशा और दशा बदलने की क्षमता रखती है. ससुराल से सियासत तक चुनावी सरगर्मी और बढ़ने वाली है.

पुष्पा देवी वार्ड दो निवासी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को सशक्त करने के लिये अवसर दिया है. ससुराल व समाज के लोग महिलाओं को इसमें भागीदारी के लिये प्रोत्साहन कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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