रजरप्पा. गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो ने झारखंड में हाथियों के हमले से हो रही लगातार मौत पर चिंता जतायी है. उन्होंने कहा कि जंगलों में कोयले का अवैध खनन और रात भर हो रही हेवी ब्लास्टिंग के कारण हाथियों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है. इससे आक्रोशित हाथियों के झुंड गांवों की ओर रुख कर रहे हैं. इससे निर्दोष ग्रामीण उनकी चपेट में आकर जान गंवा रहे हैं. रजरप्पा प्रोजेक्ट स्थित वीआइपी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से पूर्व विधायक ने बताया कि पूरे राज्य में बीते एक माह के भीतर हाथियों के हमले में लगभग 50 लोगों की मौत हो चुकी है. गोमिया विधानसभा क्षेत्र के बड़कीपुनू सहित कई इलाकों में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग हाथियों का शिकार बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि बड़कीपुनू गांव में बिजली नहीं रहने के कारण रात में अंधेरा था. इससे तीन लोग हाथियों के हमले से नहीं बच सके. श्री महतो ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बोकारो जिले में 21 अगस्त 2025 से डीएफओ का पद खाली है. इससे वन विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं. बिजली विभाग में पिछले चार माह से विभागीय सचिव की नियुक्ति नहीं की गयी है. ऐसी स्थिति में जनता भगवान भरोसे छोड़ दी गयी है. पूर्व विधायक ने सरकार से अवैध खनन पर अविलंब रोक लगाने और हाथियों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की.
हाथियों के हमले से हो रही मौत पर जतायी चिंता
हाथियों के हमले से हो रही मौत पर जतायी चिंता
