चैनगड़ा में 160 एकड़ जमीन अधिग्रहण का विरोध, रैयतों ने राजस्व मंत्री से की मुलाकात

रामगढ़ के चैनगड़ा में 160 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों और रैयतों में भारी आक्रोश है. उन्होंने अपनी जमीन किसी भी कीमत पर न देने की बात कही और जबरन अधिग्रहण पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी है.

चैनगड़ा(रामगढ़). रामगढ़ के चैनगड़ा गांव के ग्रामीण अपनी जमीन के अधिग्रहण की सुगबुगाहट से बेहद चिंतित हैं. जिले के चैनगड़ा पंचायत अंतर्गत चैनगड़ा गांव स्थित खाता संख्या 173 तथा प्लॉट संख्या 134, 162, 576 व 582 की कुल 160.90 एकड़ भूमि की प्रशासनिक पहचान और स्थानीय जांच को लेकर ग्रामीणों और रैयतों में भारी आक्रोश व्याप्त है. इस भूमि की घेराबंदी या अधिग्रहण की सुगबुगाहट से स्थानीय रैयत अपनी कृषि योग्य व पुश्तैनी जमीन को लेकर बेहद चिंतित हैं.

'जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे': मंत्री को सौंपा मांग पत्र

अपनी मांगों और विरोध को लेकर मंगलवार को रैयतों का एक प्रतिनिधिमंडल रांची में झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री से मिला और उन्हें अपनी समस्याओं से संबंधित प्रतिवेदन सौंपा. रैयतों ने मंत्री के समक्ष अपना कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए दो टूक कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन या किसी संस्थान द्वारा जबरन भूमि अधिग्रहण की कोशिश की गई, तो सभी रैयत उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे.

प्रतिनिधिमंडल में ये ग्रामीण रहे शामिल

मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जगन्नाथ उरांव, धनेश्वर उरांव, शिवनारायण बेदिया, सुदर्शन महतो, बिट्टू महतो, दीपक मुंडा, विनोद उरांव, सुनील उरांव, श्रवण उरांव, दीपक लिंगा और उमेश बेदिया सहित कई स्थानीय रैयत और ग्रामीण शामिल थे.

जमीन की शिनाख्त और प्रशासनिक जांच से भड़के ग्रामीण

रामगढ़ जिले के चैनगड़ा पंचायत अंतर्गत चैनगड़ा गांव स्थित खाता संख्या 173 तथा प्लॉट संख्या 134, 162, 576 व 582 की कुल 160.90 एकड़ भूमि की प्रशासनिक पहचान और स्थानीय जांच को लेकर ग्रामीणों और रैयतों में भारी आक्रोश व्याप्त है. इस भूमि की घेराबंदी या अधिग्रहण की सुगबुगाहट से स्थानीय रैयत अपनी कृषि योग्य व पुश्तैनी जमीन को लेकर बेहद चिंतित हैं.

'जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे': मंत्री को सौंपा मांग पत्र

अपनी मांगों और विरोध को लेकर मंगलवार को रैयतों का एक प्रतिनिधिमंडल रांची में झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री से मिला और उन्हें अपनी समस्याओं से संबंधित प्रतिवेदन सौंपा.

रैयतों ने मंत्री के समक्ष अपना कड़ा रुख स्पष्ट करते हुए दो टूक कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन या किसी संस्थान द्वारा जबरन भूमि अधिग्रहण की कोशिश की गई, तो सभी रैयत उग्र आंदोलन और भूख हड़ताल करने को बाध्य होंगे.

प्रतिनिधिमंडल में ये ग्रामीण रहे शामिल मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जगन्नाथ उरांव, धनेश्वर उरांव, शिवनारायण बेदिया, सुदर्शन महतो, बिट्टू महतो, दीपक मुंडा, विनोद उरांव, सुनील उरांव, श्रवण उरांव, दीपक लिंगा और उमेश बेदिया सहित कई स्थानीय रैयत और ग्रामीण शामिल थे.

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By Prabhat khabar news desk

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