कुजू फील्ड प्रशिक्षण केंद्रों ने नवाचार और गुणवत्ता में नयी मिसाल कायम की : सतीश चंद्र

कुजू फील्ड प्रशिक्षण केंद्रों ने नवाचार और गुणवत्ता में नयी मिसाल कायम की : सतीश चंद्र

:::कुजू में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के फील्ड प्रशिक्षण केंद्र के नये भवन का उद्घाटन, केंद्रीय कोयला मंत्री ने कहा 26 कुजू बी : कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी व लोग कुजू. भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) केंद्र ने अपने 175 वर्षों के गौरवशाली इतिहास में भारत की खनिज संपदा की खोज और वैज्ञानिक अध्ययन में अतुलनीय योगदान दिया है. चाहे कोयला, लौह, तांबा, सोना, बॉक्साइट जैसे स्थलीय खनिज हों या समुद्री तल से प्राप्त पॉलीमेटालिक नोड्यूल्स और गैस हाइड्रेट्स. जीएसआइ ने हमेशा देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में अग्रणी भूमिका निभायी है. उक्त बातें केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कही. श्री दुबे मंगलवार को भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) फील्ड प्रशिक्षण केंद्र, एफटीसी कुजू के नवपुनर्निर्मित भवन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे. इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि आज के समय में कोयला हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण है. पहले हमलोग दो घंटे भी सही से बिजली नहीं दे पाते थे. आज 22 से 23 घंटे बिजली दी जा रही है. पहले हम गांव में बिजली नहीं दे पाते थे, लेकिन आज हम बिजली से खेती भी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वैज्ञानिक और अधिकारी अपने परिश्रम और उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई के पात्र हैं. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत के सैनिकों ने विश्व में परचम लहराने के साथ भारत का डंका बजाया है. उसका मेटेरियल भारतीय भूवैज्ञानिक की खोज से ही पूरा हुआ है. प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की दिशा में हैदराबाद स्थित भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण प्रशिक्षण संस्थान (जीएसआइटीआइ ) और इसके अंतर्गत कुजू जैसे फील्ड प्रशिक्षण केंद्रों ने नवाचार और गुणवत्ता में नयी मिसाल कायम की है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नवजीवित केंद्र देश की खनिज आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा. पहले अधिकारियों को विदेशों में अध्ययन के लिए भेजा जाता था : विशिष्ट अतिथि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के महानिदेशक असित साहा ने कहा कि स्वतंत्रता के पूर्व काल में प्रशिक्षण असंगठित रूप से होता था. अधिकारियों को विदेशों में अध्ययन के लिए भेजा जाता था. जैसे-जैसे भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का कार्यक्षेत्र विस्तृत हुआ, वैसे-वैसे संगठित प्रशिक्षण की आवश्यकता हुई. इसी उद्देश्य से 1976 में हैदराबाद में जीएसआइटीआइ की स्थापना हुई. कुजू स्थित यह फील्ड प्रशिक्षण केंद्र इस संस्थान की रीढ़ बना. कोयला अन्वेषण, संसाधन आकलन, ओपनकास्ट खनन और तलछटी भूविज्ञान जैसे क्षेत्रों में यह केंद्र विशिष्ट पहचान बन चुका है. भूविज्ञान और खनिज अन्वेषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग पर प्रशिक्षण पर भी जोर दिया. बताया कि एफटीसी कुजू इस नवीन दिशा में भी कारगर साबित होगा. कार्यक्रम को अपर महानिदेशक एवं पूर्वी क्षेत्र की विभागाध्यक्ष वर्षा अशोक अगलावे, उप महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष जीएसआइ प्रशिक्षण संस्थान के डॉ एस रवि, झारखंड राज्य इकाई के उप महानिदेशक अखौरी बिश्वप्रिया, एफटीसी कुजू निदेशक प्रभाकर लकड़ा, एफटीसी कुजू के प्रशिक्षण संकाय डॉ रवि शंकर चौबे ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर मंत्री श्री दुबे ने एफटीसी कुजू परिसर में पौधरोपण कर हरित पहल की शुरुआत की. एफटीसी की प्रमुख गतिविधियों का अवलोकन भी किया. 50 वर्ष पूर्व कुजू में हुई थी स्थापना : एफटीसी कुजू भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक फील्ड प्रशिक्षण केंद्र है. इसकी स्थापना वर्ष 1975 में की गयी थी. यह केंद्र तलछटी भूविज्ञान, कोयला अन्वेषण, अनुक्रम स्तरीकरण एवं संसाधन आकलन जैसे व्यावहारिक विषयों में विशेष दक्षता रखता है. यह नवनियुक्त भूवैज्ञानिक अधिकारियों के लिए अनिवार्य ओरिएंटेशन से लेकर उन्नत प्रशिक्षण तक की व्यवस्था करता है. अब तक 48 बैचों के वैज्ञानिकों को प्रशिक्षित किया गया है. एफटीसी कुजू के नवीनीकरण के साथ आधुनिक परिसर का निर्माण हुआ है. इसमें स्मार्ट व्याख्यान कक्ष, सम्मेलन हॉल, कार्यालय भवन, योग केंद्र, व्यायामशाला, खेल सुविधाएं, रसोई-भोजनालय, वीआइपी और अतिथि कक्ष जैसी सुविधाएं हैं. परिसर को सौर ऊर्जा और वर्षा जल संचयन जैसी हरित तकनीकों से भी सुसज्जित किया गया है. कार्यक्रम में मौजूद लोग : उद्घाटन समारोह में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वैज्ञानिक, सीएमपीडीआइ, सीसीएल, खान एवं भूविज्ञान विभाग झारखंड के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, सीसीएल कुजू महाप्रबंधक आरके सिन्हा, इंदू मिश्रा, भाजपा के वरिष्ठ नेता रंजीत सिन्हा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण मेहता, सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ के कुजू क्षेत्रीय सचिव रतन प्रसाद साहू, कुजू पश्चिमी मुखिया जयकुमार ओझा, राजू कुशवाहा, पुरुषोत्तम पांडेय, करुण सिंह, रंजीत सिंह, गिरधारी महतो मौजूद थे.

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Published by: Saroj tiwary

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