केदला से वकील चौहान की रिपोर्ट
केदला (रामगढ़). सीसीएल हजारीबाग एरिया में जर्जर कॉलोनियों के क्वार्टर अब गिराए जाएंगे. प्रबंधन ने इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया है. जर्जर क्वार्टरों को चिह्नित कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी.
किन परियोजनाओं में हैं सैकड़ों जर्जर क्वार्टर?
सीसीएल की जिन परियोजनाओं में सैकड़ों जर्जर क्वार्टर हैं, उनमें शामिल हैं:
- तापीन उत्खनन परियोजना
- परेज पूर्वी उत्खनन परियोजना
- झारखंड उत्खनन परियोजना
- केदला भूगर्भ परियोजना
प्रबंधन इन क्वार्टरों का सर्वे करा रहा है. सर्वे के बाद चिह्नित जर्जर आवासों को ध्वस्त किया जाएगा.
पहले कामगारों को किया जाएगा शिफ्ट
सीसीएल हजारीबाग एरिया के महाप्रबंधक कल्याण जी प्रसाद ने बताया कि जर्जर क्वार्टरों में रह रहे कामगारों को पहले दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा. इसके बाद संबंधित क्वार्टरों को ध्वस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि एरिया की किसी भी परियोजना में अब जर्जर क्वार्टर नहीं रहने दिया जाएगा.
‘बड़ी घटना का संकेत दे रहे जर्जर क्वार्टर’
जीएम ने कहा कि जर्जर क्वार्टर किसी बड़ी घटना का संकेत दे रहे हैं. उदाहरण के लिए, यदि कोई ऐसी ही जर्जर इमारत हाल ही में गिरी होती, तो यह और भी चिंताजनक होता. सुरक्षा कारणों से, जर्जर क्वार्टरों में कामगारों को रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. कामगारों की सुरक्षा को देखते हुए प्रबंधन ने यह कदम उठाया है.
जर्जर क्वार्टरों पर एक्शन: कमेटी गठित, चरही से शुरुआत
जर्जर क्वार्टरों को चिह्नित करने और कार्रवाई के लिए बाकायदा एक कमेटी का गठन किया गया है. इस कमेटी में स्टाफ ऑफिसर पर्सनल को भी शामिल किया गया है. प्रबंधन के अनुसार, इसकी शुरुआत चरही से हो चुकी है और सर्वे का काम आगे अन्य परियोजनाओं में भी किया जाएगा.
ये भी पढ़ें: भुरकुंडा में हरितालिका तीज की धूम, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पर्व की मान्यता
