भुरकुंडा, रामगढ़: हजारों लोगों की पानी की जरूरत पूरी करने वाली भुरकुंडा ग्रामीण जलापूर्ति योजना पर बिजली बिल का संकट गहराता जा रहा है. योजना पर वर्तमान में बिजली विभाग का करीब सवा करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है. शीघ्र भुगतान नहीं होने पर बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने की संभावना बढ़ गयी है. योजना का संचालन कर रही ग्राम जल स्वच्छता समिति को बिजली विभाग की ओर से लगातार रिमाइंडर दिया जा रहा है. इतनी बड़ी राशि का भुगतान करना समिति की क्षमता से बाहर है.
यदि बिजली कनेक्शन काटा गया, तो पांच पंचायतों की 50 हजार से अधिक आबादी सीधे प्रभावित होगी. योजना से जवाहरनगर, पटेलनगर, सुंदरनगर, भुरकुंडा और कुर्से पंचायत के करीब छह हजार उपभोक्ता जुड़े हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक रोशनलाल चौधरी भी सक्रिय हैं. उन्होंने तीन-चार दिन पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप करते हुए विद्युत विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया, ताकि कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई रोकी जा सके.
2019 में पूरा हुआ था योजना का निर्माण
डीएमएफटी मद से करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से योजना का निर्माण वर्ष 2019 में पूरा हुआ था. शर्तों के अनुसार, निर्माण कंपनी को अगले पांच वर्षों तक जलापूर्ति का संचालन करना था, जबकि उपभोक्ताओं से बिल वसूलने की जिम्मेदारी कंपनी की नहीं थी. वर्ष 2024 में कंपनी ने योजना को ग्राम जल स्वच्छता समिति को हैंडओवर कर दिया. निर्माण कंपनी की पांच वर्ष की संचालन अवधि का बिजली बिल और उसके बाद का बकाया जोड़ने पर राशि करीब सवा करोड़ रुपये पहुंच गयी.
संचालन के शुरुआती वर्षों में उपभोक्ताओं से पानी का बिल नियमित रूप से नहीं लिया गया. इस दौरान कई उपभोक्ताओं के बीच यह धारणा बन गयी कि जलापूर्ति अभी टेस्टिंग मोड में है और इसके लिए बिल नहीं देना होगा. इससे उपभोक्ताओं का बकाया बढ़ता गया. अब बड़ी संख्या में उपभोक्ता भी बकाया राशि का भुगतान करने में असमर्थता जता रहे हैं.
हर माह साढ़े तीन लाख रुपये आता है बिजली बिल
जलापूर्ति योजना के संचालन के लिए तीन बिजली कनेक्शन हैं. एक सौंदा दोमुहानी के समीप दामोदर नदी स्थित इंटेक वेल, दूसरा पटेलनगर फिल्टर प्लांट और तीसरा हुरूमगढ़ा जलमीनार में है. तीनों कनेक्शनों का मिलाकर हर माह करीब साढ़े तीन लाख रुपये बिजली बिल आता है. सभी उपभोक्ता नियमित रूप से बिल चुकायें, तभी महीने का बिजली बिल जमा हो सकेगा.
वर्तमान में काफी कम उपभोक्ता नियमित भुगतान करते हैं. इससे प्राप्त राशि फिटकरी, ब्लीचिंग पाउडर, कर्मचारियों के वेतन और अन्य संचालन खर्च में ही खत्म हो जाती है और बिजली बिल लगातार लंबित होता जाता है.
