पतरातू. पतरातू अंचल क्षेत्र में 12 फरवरी से शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. प्रशासन द्वारा मौजा हेसला, उचरिंगा समेत कटिया में स्थित हस्तांतरित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा था. यह भूमि झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित हो चुकी है. प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार पीटीपीएस के पुराने व जर्जर क्वार्टरों सहित लगभग 220 एकड़ क्षेत्र में करीब 1200 आवास व अन्य निर्माण में लोग रह रहे थे. कार्रवाई के स्थगित होने के बाद लोग अब क्वार्टरों को खाली करने में जुट गये हैं. सामान को अन्यत्र शिफ्ट किया जा रहा है. पूरे मामले में विधायक रोशनलाल चौधरी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी. इसके बाद कुछ दिनों के लिए अभियान रुका है. बताया जाता है कि हेसला पंचायत की आबादी लगभग सात हजार है. यदि यह कार्रवाई नहीं रुकी, तो पंचायत का अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा. खटाल संचालक भी अपनी मवेशियों को हटाने में जुटे हैं. मजबूरी में कई लोग अपनी मवेशियों को औने-पौने दामों में बेचने लगे हैं. इधर, प्रशासन का कहना है कि औद्योगिक विकास के लिए भूमि खाली कराना आवश्यक है. आने वाले दिनों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिर शुरू होगी.
::पतरातू में कुछ दिनों के लिए रुका अतिक्रमण हटाओ अभियान
::पतरातू में कुछ दिनों के लिए रुका अतिक्रमण हटाओ अभियान
