72 घंटे में युवती को चितरपुर लाने के आश्वासन के बाद हटा जाम

72 घंटे में युवती को चितरपुर लाने के आश्वासन के बाद हटा जाम

By Prabhat Khabar News Desk | February 25, 2025 10:42 PM

चितरपुर. चितरपुर से युवती को भगाने के मामले को लेकर आयोजित चितरपुर बंद सफल रहा. 72 घंटे में युवती को चितरपुर लाने के आश्वासन के बाद सड़क जाम को हटाया गया. मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह छह बजे से ही समाज के लोग सड़क पर उतरने लगे थे. इसमें गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी भी थे. इस दौरान चट्टी बाजार की बीच सड़क पर टेबल लगा कर सांसद व लोग बैठ गये. इससे आवागमन बाधित हो गया. सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गयी. प्रशासन ने सांसद सहित आक्रोशित ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पुलिस युवती को लाने के लिए केरल पहुंच गयी है. 72 घंटे में युवती को चितरपुर लाया जायेगा. इसके बाद सांसद व ग्रामीणों ने सड़क जाम को हटा लिया. सुबह 8:40 बजे से आवागमन शुरू हो गया. हालांकि, क्षेत्र के सभी दुकानदार और व्यवसायी स्वेच्छा से अपनी दुकानों को बंद रखा. इससे लाखों का व्यवसाय प्रभावित हुआ. क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा. लाठी के बल पर आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता है : सांसद सांसद श्री चौधरी ने कहा कि युवती को लाने के लिए प्रशासन को समय दिया गया था. कोई कार्रवाई नहीं होने पर बाध्य होकर ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ा. उन्होंने कहा कि चितरपुर बंद को दुकानदारों व व्यवसायियों ने अपना समर्थन दिया, लेकिन पुलिस का रवैया सही नहीं रहा. 15-16 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक युवती को नहीं लाया गया. दुर्भाग्य की बात है कि चितरपुर ओवरब्रिज के समीप पुलिस ने लाठी चार्ज किया. लाठी के बल पर आंदोलन नहीं दबाया जा सकता है. अगर प्रशासन जबरन कार्रवाई करेगा, तो हमलोग इसका जवाब देंगे. पुलिस छावनी में तब्दील हुआ चितरपुर, डीसी-एसपी ने किया फ्लैग मार्च चितरपुर बंद व सड़क जाम को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी. पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. सात मजिस्ट्रेट तैनात किये गये थे. इस मामले पर उपायुक्त चंदन कुमार, एसपी डॉ अजय कुमार नजर रखे थे. उपायुक्त और एसपी के नेतृत्व में चितरपुर ओवरब्रिज से लेकर आजसू ऑफिस और काली चौक, मायल बाजार, सोनार टोला होते हुए चितरपुर चट्टी तक फ्लैग मार्च किया गया. इसमें एसडीओ अनुराग तिवारी, एसडीपीओ परमेश्वर प्रसाद, रामगढ़ जिला कल्याण पदाधिकारी, चितरपुर सीओ दीपक मिंज, दुलमी सीओ किशोरी यादव, रामगढ़ सीओ सुदीप एक्का, गोला सीओ समरेश प्रसाद भंडारी, श्रम अधीक्षक अभिषेक वर्मा, रजरप्पा थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय, गोला थाना प्रभारी अभिषेक प्रताप शामिल थे. कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं : उपायुक्त उपायुक्त चंदन कुमार ने मीडिया से कहा कि पूरे मामले को लेकर अलग-अलग तरह की बात फैलायी जा रही है. एक वीडियो सामने आया है. इसमें लड़की खुद कह रही है कि वह बालिग है. अपनी मर्जी से शादी की है. अगर कोई बालिग है, तो उसे अपनी मर्जी से शादी करने का कानूनन अधिकार है. इसमें किसी प्रकार की रोक नहीं लगायी जा सकती है. इसके बावजूद कोई मामला दर्ज कराया गया है, तो पूरी गहनता से जांच की जायेगी. उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. किसी के बहकावे में नहीं आकर शांति बनाये रखें : एसपी एसपी डॉ अजय कुमार ने कहा कि संज्ञान में जो मामले आते हैं, उसे गंभीरता से लेना पुलिस का काम है. थाना में सूचना मिली कि नौ फरवरी को युवती गुम हुई है. थाना प्रभारी ने अविलंब इसे संज्ञान में लिया. एक टीम उनके परिवार के साथ केरल भेजी गयी. यहां केरला के कायमकुलम थाना में युवती खुद लीगल एडवोकेट के साथ पहुंची थी. यहां उसने अपने परिवार के सामने बताया कि वह अपनी मर्जी से गयी है. युवती ने बिना भय दबाव का लिखित बयान दिया और वीडियो भी जारी किया. हमलोगों के संज्ञान में जो भी कुछ आ रहा है, उस पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. पुन: 22 फरवरी को उसके भाई ने थाना में लड़की को भगाने का आवेदन दिया है. इसके कारण पुलिस ने एक टीम गठित कर केरला भेज दी है. केरला के स्थानीय थाना से संपर्क कर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने और शांति बनाने की अपील की है.

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