जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जलाभिषेक

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जलाभिषेक

प्रतिनिधि, रामगढ़

मेन रोड स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में अक्षय तृतीया के मौके पर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जलाभिषेक किया गया. जैन धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान आदिनाथ स्वामी ने एक वर्ष की तपस्या करने के बाद वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि अर्थात अक्षय तृतीया के दिन एक इक्षु रस (गन्ना रस) से अपनी तपस्या का पारण किया था. इसके कारण जन समुदाय में यह दिन विशेष माना जाता है. भगवान आदिनाथ स्वामी की प्रतिमा पर प्रथम कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य नितिन पाटनी, तलिश पाटनी, इशान पाटनी, सौरव अजमेरा, गौरव अजमेरा को मिला. शांति धारा करने का सौभाग्य रमेश सेठी, विकास सेठी,अमित सेठी, जीवनमल पाटनी, जंबू पाटनी, अमित पाटनी, सौरव अजमेरा, गौरव अजमेरा को मिला. भगवान पार्श्वनाथ एवं भगवान महावीर स्वामी पर प्रथम जलाभिषेक करने का सौभाग्य नागरमल गंगवाल, बीरेंद्र गंगवाल व योगेश सेठी को मिला. श्री जैन महिला जागृति रामगढ़ की ओर से अक्षय तृतीया के अवसर पर राहगीरों के लिए गन्ना रस, चना व गुड़ का वितरण किया गया. मौके पर श्री मंदिर जी समाज के अध्यक्ष मानिक चंद जैन पाटनी, सचिव नागरमल गंगवाल, नरेंद्र छाबड़ा, महावीर प्रसाद गंगवाल, अशोक चूड़ीवाल, सुभाष सेठी, सुशील चूड़ीवाल, प्रदीप पाटनी, संजय सेठी, राहुल पाटनी, राजेंद्र चूड़ीवाल, सुनील छाबड़ा, पंडित राजेश जैन, सुनील पाटनी, कमल पाटनी मौजूद थे.

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