बसंत पंचमी के दिन 25 हजार श्रद्धालु करते थे पूजा
रजरप्पा : रजरप्पा मंदिर में सीआरपीएफ जवान संजय नट द्वारा गला रेत कर आत्महत्या करने की घटना से लोग सकते में हैं. दहशत के कारण रजरप्पा मंदिर में घटना के दूसरे दिन बसंत पंचमी के अवसर पर भी श्रद्धालु नहीं पहुंचे. गौरतलब हो कि बसंत पंचमी के दिन यहां प्रतिवर्ष लगभग 20 से 25 हजार लोग मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा – अर्चना करते थे.
बसंत पंचमी के दिन मुंडन, शादी – विवाह व शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. आज मंदिर क्षेत्र में सन्नाटा रहा. इसका असर दुकानों व व्यवसाय पर पड़ा.
मेटल डिटेक्टर लगाया जायेगा : न्यास समिति : न्यास समिति के सचिव सुभाशीष पंडा, असीम पंडा व लोकेश पंडा ने बताया कि यहां 10 दिनों के अंदर एक डोर मेटल डिटेक्टर आैर एक स्केनिंग मेटल डिटेक्टर लगाया जायेगा. समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर में हथियार ले जाने पर प्रतिबंध लगेगा.
श्रद्धालु बेल्ट, पर्स मंदिर के अंदर नहीं ले जा पायेंगे. समिति ने दुकानदारों से श्रद्धालुओं को इसकी जानकारी देने की बात कही है. मौके पर विधायक प्रतिनिधि अमृतलाल मुंडा, आजसू के प्रखंड उपाध्यक्ष प्रबोध चटर्जी, कुलदीप साव, दिलीप साव, छोटू पंडा, पोपेश पंडा, ब्रजेश पंडा मौजूद थे.
स्पेशल ब्रांच के डीएसपी ने जांच की : स्पेशल ब्रांच के डीएसपी तुलसी दास मुंडा बुधवार को रजरप्पा मंदिर पहुंचे. उन्होंने लोगों व मंदिर न्यास समिति के सदस्यों से पूछताछ की. सीसीटीवी फुटेज को भी देखा.
घटना के बाद सदमे में आ गये लोकेश पंडा : जवान संजय नट का शव देख कर रजरप्पा मंदिर के पुजारी लोकेश पंडा सदमे में हैं. वह रात भर सो नहीं पाये. उन्होंने बुधवार को डॉक्टर से इलाज कराया. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना जीवन में उन्होंने कभी नहीं देखी थी.
