रजरप्पा : पार्षद गोपाल चौधरी ने कहा है कि यह प्रशासन व रजरप्पा न्यास समिति की लापरवाही है. लापरवाही के कारण ही यह घटना हुई है. उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रतिदिन हजारों लोग पूजा – अर्चना के लिए आते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है.
अगर मंदिर में पैनी नजर रहती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था. उन्होंने कहा है कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए उचित व्यवस्था करनी होगी. उधर, प्रो मनोज कुमार झा ने कहा कि यह घटना प्रशासन की चूक है. अगर यहां सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था होती, तो यह घटना नहीं होती या फिर इसे रोका जा सकता था. गोला प्रमुख जलेश्वर महतो ने कहा है कि यहां जल्द से जल्द समिति का गठन किया जाये. घटना की सूचना मिलने पर बंदा मुखिया कुलदीप साव, आजसू गोला प्रखंड उपाध्यक्ष प्रबोध चटर्जी, दिलीप साव मंदिर पहुंचे.
शुद्धिकरण के बाद पूजा शुरू : रजरप्पा मंदिर न्यास समिति के सचिव सुभाशीष पंडा, अध्यक्ष अशेष पंडा, पुजारी अजय पंडा व असीम पंडा ने बताया कि यह घटना गर्भ गृह से बाहर हुई है. इसके कारण मंदिर शुद्धिकरण के लिए पांच द्रव्यों से मंदिर की सफाई की गयी.
इसके बाद मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा शुरू करा दी गयी. हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि विधि-विधान के साथ यज्ञ व हवन करा कर मंदिर में फिर से पूजा-अर्चना शुरू करनी चाहिए थी.
नदिया के पार फिल्म के बाद चर्चा में आया था बलिहार गांव : गाैरतलब हो कि फिल्म नदिया के पार में बलिहार गांव दिखाने के बाद यह गांव पूरे देश में चर्चा में आया था. इसी गांव का ही संजय रहनेवाला था. इस घटना के बाद बलिहार गांव फिर से चर्चा में आ गया.
