नाश्ते के लिए पत्नी करती रही इंतजार

रजरप्पा मंदिर में जवान द्वारा खुद का गला रेतने का मामला रजरप्पा : रजरप्पा मंदिर में पहली बार किसी व्यक्ति द्वारा अपना गला रेतने का मामला प्रकाश में आया है़ इस घटना के बाद लोग हतप्रभ हैं. संजय नट बिहार बक्सर जिला के बलिहार का रहनेवाला था. संजय की पत्नी के अनुसार, संजय ओड़िशा में […]

रजरप्पा मंदिर में जवान द्वारा खुद का गला रेतने का मामला
रजरप्पा : रजरप्पा मंदिर में पहली बार किसी व्यक्ति द्वारा अपना गला रेतने का मामला प्रकाश में आया है़ इस घटना के बाद लोग हतप्रभ हैं. संजय नट बिहार बक्सर जिला के बलिहार का रहनेवाला था.
संजय की पत्नी के अनुसार, संजय ओड़िशा में सीआरपीएफ के पद पर तैनात था. वह बिना बताये घर से निकला था. परिवार आैर पत्नी के साथ उसका कोई विवाद भी नहीं था. रविवार सुबह संजय की पत्नी नाश्ता बना कर पति का इंतजार कर रही थी, लेकिन वह नाश्ता करने के लिए नहीं आया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संजय सोमवार शाम रजरप्पा मंदिर में संध्या आरती में शामिल हुआ था. इसके बाद मंगलवार सुबह उसने पूजा- अर्चना कर अपना गला रेत लिया. लोगों का कहना था कि अगर उसकी मानसिक स्थिति खराब होती, तो वह यहां तक कैसे आता. दूसरी बात आत्महत्या ही करना था, तो वह कहीं भी कर सकता था. उसने रजरप्पा मंदिर में ही जान देने के लिए क्यों चुना.
हालांकि उसकी मानसिक स्थिति ठीक थी या नहीं, पुलिस इसकी जांच कर रही है. पुलिस इस घटना को आत्महत्या का ही रूप मान रही है. मरने से पहले उसने कागज पर घर का मोबाइल नंबर लिख कर पॉकेट में रखा था. इसमें 9472498182, 9430263294 एवं एक आठ डिजीट 87571022 अंकित है. इस नंबर से ही उसके घर की जानकारी मिली. रजरप्पा थाना के चंद्रमा सिंह व अमरेंद्र सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी एसडीओ महावीर प्रसाद, बीडीओ नूतन कुमारी सहित कई पुलिस अधिकारी पहुंचे.
मंदिर प्रक्षेत्र में होती है शराब की अवैध बिक्री जारी : रजरप्पा मंदिर प्रक्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री जारी है.
यहां कई जगह शराब धड़ल्ले से बिक रही है. बिहार में शराबबंदी के बाद यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और शराब पीकर मंदिर में हुड़दंग भी मचाते हैं. शुद्धिकरण के बाद पूजा शुरू : रजरप्पा मंदिर न्यास समिति के सचिव सुभाशीष पंडा, अध्यक्ष अशेष पंडा, पुजारी अजय पंडा व असीम पंडा ने बताया कि यह घटना गर्भ गृह से बाहर हुई है.
इसके कारण मंदिर शुद्धिकरण के लिए पांच द्रव्यों से मंदिर की सफाई की गयी. इसके बाद मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा शुरू करा दी गयी. हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि विधि-विधान के साथ यज्ञ व हवन करा कर मंदिर में फिर से पूजा-अर्चना शुरू करनी चाहिए थी. नदिया के पार फिल्म के बाद चर्चा में आया था बलिहार गांव : गाैरतलब हो कि फिल्म नदिया के पार में बलिहार गांव दिखाने के बाद यह गांव पूरे देश में चर्चा में आया था. इसी गांव का ही संजय रहनेवाला था. इस घटना के बाद बलिहार गांव फिर से चर्चा में आ गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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