सरकार की मंशा साफ नहीं : एटक अध्यक्ष.
उरीमारी : अब इंटक को कोल इंडिया की सभी कमेटियों से बाहर रखा जायेगा. इस संबंध में कोयला मंत्रालय के कंसलटेंट डीएस रावत ने 11 जनवरी को कोल इंडिया के निदेशक कार्मिक को पत्र लिखा है.
इसमें श्री रावत ने इंटक के महासचिव एनजी अरुण के पत्र व दिल्ली हाइ कोर्ट के 16.09.2016 को दिये गये अंतरिम आदेश का जिक्र किया है. कहा है कि इंटक को कोर्ट के आदेश के आधार पर सभी तरह की कमेटियों से बाहर रखना सुनिश्चित किया जाये. इस संबंध में कोल इंडिया की सभी अनुषंगी इकाइयों सीसीएल, बीसीसीएल, इसीएल, एसइसीएल, एनसीएल, एमसीएल, सीएमपीडीआइ को भी इस बाबत निर्देश देने को कहा है. पत्र के आने के बाद कोल इंडिया के अनुषंगी इकाइयों में पैठ रखने वाली इंटक व उससे संबद्ध यूनियनों में हड़कंप है. लोग इसे राजेंद्र व ददई दुबे गुट के विवाद को वजह मान रहे हैं. हालांकि इस विवाद में केके तिवारी गुट इंटक भी शामिल है.
