भुरकुंडा : पीवीयूएनएल व सरकारी तंत्र द्वारा छले गये पीटीपीएस के विस्थापित प्रभावित 25 गांव के लोगों की बैठक लबगा स्थित मां पंचबिहनी स्कूल में हुई. इसकी अध्यक्षता आदित्य नारायण प्रसाद ने की.
संचालन कुमेल उरांव ने किया. बैठक में वर्षों से पीटीपीएस आैर अब पीवीयूएनएल द्वारा छले जाने की चर्चा की गयी. कहा गया कि पीवीयूएनएल के रवैये के खिलाफ जब विस्थापितों ने आंदोलन शुरू किया, तो प्रशासन ने झूठा आश्वासन देकर आंदोलन खत्म करवा दिया. रामगढ़ उपायुक्त ने सात फरवरी को विस्थापितों आैर प्रभावितों के पक्ष में लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन उसे आज तक लागू नहीं किया गया. बैठक में धोखे व विश्वासघात को लेकर आरपार की लड़ाई का निर्णय लिया गया. इसके तहत 21 फरवरी को पीवीयूएनएल के समक्ष विस्थापित प्रभावित अधिकार महारैली के आयोजन की घोषणा की गयी.
कहा गया कि इसमें 25 गांव के 50 हजार विस्थापित प्रभावित महिला-पुरुष शामिल होंगे. बैठक में विजय साहू, भुवनेश्वर महतो, अमित कुमार, राजाराम प्रसाद, किशोर महतो, अलीम अंसारी, विजय मुंडा, अरुण कुमार, कौलेश्वर महतो, शिवप्रसाद मुंडा, जितेंद्र मुंडा, अमित साहू, नागेंद्र प्रसाद, असगर अंसारी, कपिल मुंडा, संदीप कुमार, ननकू मुंडा, कृष्णा मुंडा, विनोद प्रजापति, रामेश्वर गोप, रंजीत यादव, कलाम अंसारी, माधव प्रसाद, सुरेश साहू, शंभु साहू, मैनेजर साव, भरत साव, राजेश यादव, जगदेव प्रजापति, नरेश मुंडा, योगेंद्र सिंह, सुलेंद्र मुंडा, डोमन महतो, नागेश्वर साव, सीताराम साव, निर्मल यादव, भूषण उरांव, नागेंद्र सिंह, नेपाल प्रजापति, राजू मुंडा, दीपक कुमार, संजय प्रसाद, कौलेश्वर, मनोज महतो, प्रमोद महतो, नरेश महतो, बालकिशुन महतो उपस्थित थे.
कोर कमेटी में हर गांव से पांच सदस्य होंगे : आंदोलन को सफल बनाने में बरघुटूवा, मेलानी, नेतुआ, चेतमा, हरिहरपुर, आरासाह, तालाटांड़, गेगदा, किन्नी, जराद, लबगा, उचरिंगा, सोलिया, पलानी, कटिया, कोतो, बरतुआ, शाहीटांड़, सांकुल, पतरातू, सौंदा बस्ती, जयनगर, रसदा व बलकुदरा को मिलाकर कोर कमेटी बनायी गयी है. इसमें सभी गांवों से पांच-पांच लोगों को रखा गया है. यह कोर कमेटी अपने-अपने गांव में अभियान चलाने की तिथि घोषित करेगी. 25 दिनों तक लगातार अभियान चलाया जायेगा.
सांसद सह मंत्री से की मांग : विस्थापितों ने क्षेत्र के सांसद सह उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा से हस्तक्षेप करने की मांग की है. कहा है कि मंत्री जी ने एनटीपीसी के विस्थापितों को नौकरी व पेंशन देने की घोषणा की है. इससे हमारी भी आस जगी है. गोला व बड़कागांव गोली कांड की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए वे अविलंब सकारात्मक पहल करें.
