भुरकुंडा पिरयोजना क्षेत्र में दो दिन से 10,000 से अधिक लोग पेयजल का गंभीर संकट झेल रहे थे. संकट महज 10 रुपये का था, लेकिन इसे दूर करने की पहल किसी ने नहीं की. अंतत: पंप सेट ठीक करने आये कारीगर ने कपलिंक नट खरीदा और पंपसेट को ठीक कर पानी की समस्या को दूर कर दिया.
भुरकुंडा : सीसीएल के भुरकुंडा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की जान की कीमत स्थानीय प्रबंधन के लिए 10 रुपये से भी कम है. भीषण गरमी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे लोग प्रबंधकीय लापरवाही के कारण जार-जार हो गये हैं.
विगत दो दिनों से भुरकुंडा परियोजना क्षेत्र के तीन पंचायतों जवाहर नगर, पटेल नगर व भुरकुंडा के लगभग 10 हजार घरों को पानी नसीब नहीं हो सका है. लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. कारण बेहद मामूली है. भुरकुंडा ओल्ड पानी टंकी स्थित पंप सेट शुक्रवार को ब्रेक डाउन हो गया था. इसे बनाने के लिए शनिवार सुबह खोला गया.
मरम्मत का काम तो आधे घंटे में निपट गया. पंप को जब रिसेट किया जाने लगा, तो इस दौरान एक कपलिंक नट स्लिप कर गया. लेकिन देर शाम तक प्रबंधन एक मामूली नट-बोल्ट भी कारीगरों को उपलब्ध नहीं करा पाया. इसके कारण शनिवार को भी जलापूर्ति ठप रही. सीसीएल के बरका-सयाल क्षेत्र में बड़े-बड़े कई स्टोर हैं, लेकिन नट का इंतजाम कहीं से नहीं किया जा सका. बाद में कारीगरों ने महज 10 रुपये में बाजार से नट लाकर पंप सेट को ठीक किया. इसके बाद अब पानी की आपूर्ति की जा सकेगी़
