चितरपुर. चितरपुर प्रखंड क्षेत्र में पेयजल संकट गंभीर होते जा रहा है. पिछले चार दिन से पेयजलापूर्ति ठप रहने से चितरपुर सहित आसपास के कई गांवों में हाहाकार है. भैरवी नदी स्थित इंटेकवेल में चल रहे मेंटेनेंस कार्य के कारण जलापूर्ति बाधित है. इससे चितरपुर, मारंगमरचा, मायल, सांडी, सोंढ़, तेबरदाग समेत लगभग 25 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है. शनिवार को भी इंटेकवेल में मेंटेनेंस का कार्य पूरा नहीं हुआ. 12 अप्रैल को भी पेयजलापूर्ति बहाल नहीं हो पायेगी. पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंता बख्तियार अफजल ने बताया कि मरम्मत कार्य जारी है. उम्मीद है कि 14 अप्रैल से नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जायेगी. उधर, चितरपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी दीपक मिंज ने सभी पंचायत सचिवों को क्षेत्र में खराब सोलर जलमीनारों को चिह्नित कर शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब 15वें वित्त आयोग के तहत सोलर जलमीनार लगाने से पहले पीएचइडी विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसे में यदि एनओसी मिलने में देरी होती है, तो भविष्य में पेयजल समस्या और बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है.
बीडीओ ने दिया सोलर जलमीनारों की मरम्मत का निर्देश
बीडीओ ने दिया सोलर जलमीनारों की मरम्मत का निर्देश
